
जशपुर जिले में राजस्व विभाग के जमीनी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। कुनकुरी तहसील के एक बुजुर्ग ग्रामीण ने हल्का पटवारी पर जमीन की ‘चौहद्दी’ (सीमांकन विवरण) बनाने के नाम पर ₹5,000 की रिश्वत लेने का संगीन आरोप लगाया है। मामले में दिलचस्प मोड़ तब आया जब एक राजनीतिक दल के नेता के हस्तक्षेप के बाद पटवारी ने डर के मारे ₹2,000 वापस कर दिए। पीड़ित ने इस पूरी घटना की लिखित शिकायत जशपुर कलेक्टर से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?👇

शिकायतकर्ता बिजनू राम (उम्र 60 वर्ष), निवासी ग्राम गीरहल्डीह (लोधमा), तहसील कुनकुरी, अपनी स्वयं की भूमि और मकान बेचने के लिए दस्तावेज तैयार करवा रहे थे। उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय द्वारा उन्हें पटवारी से जमीन की ‘चौहद्दी’ बनवाकर लाने के लिए कहा गया, जबकि पीड़ित का कहना है कि शासन द्वारा अब ऑनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू है और पटवारी से अलग से चौहद्दी बनवाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
इसके बावजूद, उप-पंजीयक के निर्देशानुसार वृद्ध किसान दिनांक 17 जून 2026 को हल्का पटवारी नंबर 13 संजय खाखा से मिले। आरोप है कि पटवारी संजय खाखा ने चौहद्दी बनाने के एवज में ₹5,000 नगद रिश्वत के रूप में वसूल कर लिए।
नेता के दखल के बाद आधी रकम हुई वापस👇
पीड़ित किसान ने इस अवैध वसूली की आपबीती रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय सचिव व झारखंड प्रभारी श्री विजय गुप्ता को बताई। इसके बाद, दिनांक 18 जून 2026 को विजय गुप्ता ने पटवारी से इस संबंध में कड़ी पूछताछ की। शिकायत के अनुसार, पकड़े जाने के डर से बौखलाए हल्का पटवारी ने तुरंत ₹2,000 नगद वापस कर दिए। इस पूरी घटना और पैसे वापसी की बकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली गई है, जिसे प्रमाण के तौर पर सुरक्षित रखा गया है।
शिकायतकर्ता को डराने-धमकाने का आरोप👇
शिकायत पत्र में पटवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि पैसे वापस करने के बाद पटवारी ने अपने दलालों के माध्यम से आवेदक (बिजनू राम) की बहू को बुलवाकर घर में पारिवारिक विवाद पैदा करने और डराने की कोशिश भी की है।
“कुनकुरी तहसील में सभी पटवारियों द्वारा चौहद्दी के नाम पर आम जनता से लाखों रुपये की लूट मचाई जा रही है। इससे माननीय मुख्यमंत्री और सरकार की छवि खराब हो रही है।”वहीं ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में आरोपी पटवारी के खिलाफ तत्काल निलंबन और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में चल रहे इस कथित भ्रष्टाचार के खेल पर रोक लग सके।



