
जशपुर जिले के जनपद पंचायत बगीचा अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पण्डरापाठ में शासकीय राशि के दुरुपयोग और नियमों को ताक पर रखकर कार्य कराने का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच श्री शंकर राम पर वित्तीय अनियमितताओं और दबाव पूर्वक कार्य कराने का आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को एक विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा गया है। शिकायत की प्रतियां कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत CEO और स्थानीय विधायक को भी सूचनार्थ भेजी गई हैं।
निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और वित्तीय गबन के आरोपशिकायत पत्र में मुख्य रूप से 6 बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है, जिनमें लाखों रुपये की अग्रिम राशि आहरण के बावजूद कार्य अधूरे पड़े होने और फर्जी बिल लगाकर राशि निकालने के गंभीर आरोप हैं।
किचन शेड निर्माण में गड़बड़ी👇
कन्या आश्रम चुन्दापाठ में ₹6.23 लाख की लागत से स्वीकृत किचन शेड के लिए एक वर्ष पूर्व ₹3.50 लाख की अग्रिम राशि श्री शिवनारायण यादव को भुगतान की गई थी। उपसरपंच श्री दिलीप चन्द यादव द्वारा कार्य को टॉप लेवल तक तो लाया गया, लेकिन अग्रिम राशि वापस न मिलने के कारण कार्य बंद पड़ा है। सरपंच को बार-बार कहने के बावजूद वे इसमें कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।

इसी तरह प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास पण्डरापाठ में भी ₹6.23 लाख की लागत से बनने वाले किचन शेड के लिए सामग्री मद में ₹3.50 लाख की अग्रिम राशि महेन्द्र यादव को दी गई थी। तत्कालीन पंच भानू यादव द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था, लेकिन अग्रिम राशि का पूरा भुगतान न होने से यह कार्य भी अधूरा है।
वर्ष 2022-23 में तेन्दपाठ से पहाड़ी कोरवा बस्ती अम्बापकरी पहुंच मार्ग हेतु ₹18.820 लाख की मनरेगा योजना स्वीकृत हुई थी। इसमें गुप्तेश्वर यादव ने ₹1.50 लाख का मुरम ढुलाई का कार्य किया था। आरोप है कि गुप्तेश्वर यादव के पास GST बिल न होने का फायदा उठाकर, जीवन यादव नामक व्यक्ति ने अपने आदमी के GST बिल के माध्यम से लगभग ₹5 लाख का भुगतान करा लिया और पूरी राशि खुद रख ली। सचिव और रोजगार सहायक के बार-बार कहने पर भी गुप्तेश्वर यादव को उनके काम की ₹1.50 लाख की राशि पिछले 7-8 महीनों से नहीं मिली है।
बिना कार्य कराए फर्जी बिल से आहरण👇
हेटसेमरा में 15वें वित्त आयोग की राशि से सलेश्वर घर के पास नाली निर्माण के लिए स्वीकृत ₹1 लाख की राशि को सरपंच श्री शंकर राम द्वारा कथित तौर पर फर्जी बिल लगाकर आहरित कर लिया गया है, जबकि धरातल पर आज तक कोई नाली निर्माण नहीं हुआ है।
कम काम, ज्यादा भुगतान👇
तुर्राडीपा मुख्य मार्ग से प्राथमिक शाला पहुंच मार्ग तक सड़क मुरमीकरण कार्य में मात्र 20 से 25 ट्रिप मुरम गिराकर, सरपंच और पूर्व सचिव द्वारा ₹1.20 लाख की अधिक राशि का आहरण कर लिया गया है।
जांच प्रभावित करने के लिए सचिव को हटाने की साजिश का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चुन्दापाठ किचन शेड और हेटसेमरा नाली निर्माण (बिंदु क्रमांक 1 और 4) की शिकायत पूर्व में भी उच्च अधिकारियों से की गई थी। इस जांच को प्रभावित करने और मामले को दबाने के उद्देश्य से सरपंच और कुछ पंचों ने मिलकर वर्तमान पंचायत सचिव गणेश यादव को वहां से हटवाने के लिए झूठी शिकायत की है।
शिकायत पत्र के माध्यम से ग्रामीणों और संबंधित पक्षों ने जनपद CEO से इन सभी 6 बिंदुओं पर एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी सरपंच व अन्य के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।



