
बस्तर में लगभग पिछले तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में सड़कें डूब गईं और घरों में पानी घुस गया। इंद्रावती समेत अन्य नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम और जगदलपुर-राउरकेला रूट की 6 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। मालिगुड़ा-छतरिपुट के बीच भूस्खलन के कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ है। जगदलपुर से हवाई सेवा भी प्रभावित हुई है। जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट रद्द हो गई है। इधर, बस्तर जिले के सभी स्कूलों में 26 सितंबर को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोनारपाल के पास बाढ़ में फंसे करीब 5 ट्रकों के चालकों और परिचालकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। वहीं बस्तर जिला प्रशासन ने जिले में 9 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 380 से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया गया है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। बारिश से बस्तर में यातायात से लेकर स्कूल तक प्रभावित हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब का असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 सितंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर सिस्टम सक्रिय रहा। इसके असर से छत्तीसगढ़ में अत्यधिक बारिश की स्थिति बनी। जगदलपुर में 25 सितंबर को 246.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है।
ईस्ट कोस्ट रेलवे के यात्रा अपडेट के अनुसार मालिगुड़ा और छतरिपुट स्टेशन के बीच भूस्खलन के चलते किरंदुल और विशाखापट्टनम के बीच रेल सेवा प्रभावित हुई है। साथ ही राउरकेला एक्सप्रेस भी रद्द रही। रद्द की गई ट्रेनों में 58502 किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर, 58501 विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर, 18516 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, 18515 विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस, 18108 जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस और 18107 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस शामिल हैं।
लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए बस्तर संभाग के सभी सातों जिले में 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इसमें शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों को शनिवार को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अत्यधिक बारिश के कारण जलभराव और नदी-नालों के तेज बहाव से विद्यार्थियों के आवागमन में परेशानी और सुरक्षा संबंधी खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। 26 सितंबर को होने वाली त्रैमासिक परीक्षा के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।
बारिश का सबसे खतरनाक असर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोनारपाल के पास देखने को मिला। जगदलपुर-रायपुर मार्ग पर सड़क पर कई फीट पानी भरने से करीब 5 ट्रक अचानक आई बाढ़ में फंस गए। पानी का स्तर लगातार बढ़ता देख ट्रकों के चालक और परिचालक उनकी छतों पर चढ़ गए। वहां से वीडियो बनाकर उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। लाइफ जैकेट और जरूरी उपकरणों के साथ सभी चालकों और परिचालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद सभी को गणेश मंदिर में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन और ग्रामीणों ने उनके लिए सूखे कपड़े, गर्म भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की।
बस्तर जिले में लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिले में 9 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 380 से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया गया है। निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार नहीं करने की अपील की गई है।
लगातार बारिश से जगदलपुर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई सड़कों पर पानी भरने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। शहर की नालियां और जल निकासी व्यवस्था ओवरफ्लो होने से परेशानी और बढ़ी है।
लगातार बारिश के बीच जगदलपुर की हवाई सेवा भी प्रभावित हुई है। खराब मौसम के चलते जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान लगातार तीसरे दिन भी रद्द रही। इससे सड़क और रेल के बाद हवाई यातायात पर भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में सक्रिय मौसम प्रणाली के चलते बस्तर में अगले दौर की बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट है।



