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खपरगंज हिंसा के मुख्य आरोपी राम सिंह ठाकुर मध्यप्रदेश से गिरफ्तार, शनिवार को कोर्ट में पेश

बिलासपुर के खपरगंज इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर हुए हिंसक विवाद के मामले में लंबे समय से फरार मुख्य आरोपी और हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने आखिरकार मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। वह पन्ना में अपने दोस्त के घर छिपा हुआ था। शुक्रवार को एसीसीयू की टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।

पुलिस ने बताया कि राम सिंह मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में बृजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम माकरी कुठार निवासी अपने दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर में छिपा हुआ था। उसे पकड़ने के लिए एसीसीयू की टीम को मध्यप्रदेश रवाना किया गया था, जहां दबिश देकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस की टीम उसे बिलासपुर लेकर आ गई है और शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इस मामले में पुलिस अब तक दोनों पक्षों के 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने घटना के बाद दोनों पक्षों के करीब 100 लोगों को आरोपी बनाने का दावा किया था। दोनों पक्षों के खिलाफ हिंसा, जानलेवा हमला जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। इसके बाद से लगातार आरोपियों की धरपकड़ की जाती रही। एक पक्ष के मुख्य आरोपी सोहेल खान सहित 15 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दूसरे पक्ष के भी दर्जन भर आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

राम सिंह ठाकुर घटना के बाद से फरार था और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। उसे पकड़ने के लिए टीम कई बार रायपुर में दबिश दे चुकी थी, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की तकनीकी टीम उसका लोकेशन सहित तकनीकी साक्ष्य जुटाती रही।

पिछले सप्ताह पुलिस को खबर मिली थी कि राम सिंह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भाग गया है। इसी दौरान पता चला कि वह कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम भी गया था। इसी आधार पर पुलिस ने जानकारी जुटाई, तब जानकारी मिली कि राम सिंह मध्यप्रदेश के पन्ना में अपने दोस्त के घर छिपा है। इसके बाद एसीसीयू की टीम को मध्यप्रदेश रवाना किया गया।

गौरतलब है कि 28 अगस्त की रात खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव होने लगा। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करने पड़े। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया, जिसमें तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।

इस घटना के बाद तनाव की स्थिति निर्मित होने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने धारा 144 लागू की थी। वहीं, घटना के बाद राम सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया था। उसने कहा था कि अपने धर्म के लिए लड़ने के कारण उसे अपराधी बनाया गया है। राम सिंह ने आरोप लगाया था कि पुलिस और जेहादी उसे टारगेट कर रहे हैं। वीडियो में उसने कहा था कि वह जल्द ही पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। इसके साथ ही राम सिंह ने जेल में उसकी हत्या की आशंका जताई थी। वीडियो के आखिर में उसने लोगों से अपील की थी कि हत्या होने पर उसके माता-पिता का ख्याल रखा जाए। लेकिन, सरेंडर करने के बजाए राम सिंह रायपुर से भी फरार हो गया था।

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