
बलौदाबाजार में लगातार बारिश और गंगरेल बांध के 14 गेट खुलने से महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। करीब 23 साल बाद आई इस बाढ़ का असर पलारी तहसील के बिजराडीह गांव में भी देखने को मिला। यहां सब्जी बाड़ी में सो रहे कई परिवार रात में अचानक बढ़े पानी के बीच फंस गए।
बिजराडीह निवासी धर्मेंद्र सायतोड़े अपनी पत्नी नीलम और छह महीने की बेटी योगिता के साथ बाड़ी में सो रहे थे। रात करीब 1 बजे पानी घुसा तो उनकी नींद खुली। बाहर देखा तो चारों तरफ पानी ही पानी था। पहले पानी घुटनों तक पहुंचा, फिर कमर तक और कुछ ही देर में पानी तेजी से बढ़ने लगा। धर्मेंद्र ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी। लेकिन दिन में पानी कम था, इसलिए उन्हें लगा कि रात तक स्थिति ठीक हो जाएगी।
छह महीने की बच्ची योगिता को ठंड और पानी से बचाने के लिए नीलम उसे सीने से लगाकर पूरी रात ऊंची जगह पर खड़ी रहीं। बच्चे भूख और ठंड से परेशान रहे। बाड़ी में मंतराम निषाद, ज्ञानबत्ती निषाद, ममता निषाद, शंकर टंडन, विजय टंडन, पूनम, चार साल का युवराज, छह साल की बिंदिया और एक साल की रिया समेत कई लोग फंसे रहे।
ममता ने बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में सभी लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़े रहे, ताकि कोई पानी के तेज बहाव में न बह जाए। दौलत निषाद और रुक्मणी भी अपने परिवार के साथ वहीं फंसे रहे। बाढ़ में बाड़ी में खड़े बैल और ट्रैक्टर भी डूब गए। करीब 25 सब्जी बाड़ियों और धान की फसल को भी पानी से नुकसान हुआ है।
सुबह तक पानी और बढ़ गया। दोपहर तक पानी करीब 7 से 8 फीट तक पहुंच गया था। परिवार करीब 15 घंटे तक बाढ़ के बीच फंसे रहे। इसके बाद नगर सेना की टीम मौके पर पहुंची और नाव की मदद से सभी 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सबसे पहले बच्चों और महिलाओं को निकाला गया। इसके बाद बुजुर्गों और पुरुषों को सुरक्षित बाहर लाया गया।
मोहान गांव में भी बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। गांव का गोठान पूरी तरह डूब चुका है। करीब 12 फीट ऊंचा गोठान का सेट भी पानी में समा गया है। निचली बस्ती में फंसे करीब 30 लोगों को पंचायत भवन में लाया गया था, लेकिन अब वहां भी पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, साल 2003 के बाद पहली बार महानदी का पानी गांव तक पहुंचा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए करीब 700 ग्रामीणों को भवानीपुर स्कूल में बनाए जा रहे अस्थायी राहत कैंप में शिफ्ट करने की तैयारी है।
महानदी किनारे बसा अमेठी गांव भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है। खैरा नाला उफान पर होने के कारण गांव में करीब 2 किलोमीटर तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। पलारी एसडीएम दीपक निकुंज ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है और मोहान गांव भी घिरता जा रहा है। स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर लोगों को परेशानी हो सकती है। इसलिए भवानीपुर में अस्थायी कैंप तैयार कर ग्रामीणों को वहां शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब तक जिले में करीब 150 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। महानदी के अमेठी घाट में पुल से करीब 12 फीट ऊपर पानी बह रहा है। सुरक्षा को देखते हुए जिले के 14 पुल-पुलियों पर आवाजाही बंद कर दी गई है।
कलेक्टर ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से नदी, नाले, पुल और चेक डेम के पास नहीं जाने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति में जिला कंट्रोल रूम के नंबर 07727222454 पर संपर्क किया जा सकता है।



