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बालोद का तांदुला जलाशय ओवरफ्लो, 30 गांवों में अलर्ट जारी

बालोद का तांदुला जलाशय एक बार फिर ओवरफ्लो हो गया है। पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद शुक्रवार शाम से जलाशय से पानी छलकना शुरू हो गया था। शनिवार सुबह तक पानी सेफ्टी वॉल से करीब एक फीट ऊपर बहने लगा। तेज धार से गिरता पानी एक खूबसूरत नजारा पेश कर रहा है। इस नजारे को देखने के लिए बालोद समेत आसपास के इलाकों से लोग पहुंच रहे हैं।

जलाशय के ओवरफ्लो होने के बाद आसपास के 30 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। लबालब भरने के बाद तेज हुआ पानी का बहाव लगातार बारिश से तांदुला जलाशय में जलभराव 100 फीसदी हो चुका है। जलाशय में पानी की आवक बनी रहने से अतिरिक्त पानी ओवरफ्लो होकर बाहर निकल रहा है। शुक्रवार शाम को छलकना शुरू हुआ पानी शनिवार सुबह तक करीब एक फीट ऊपर बहने लगा। तेज बहाव के कारण यहां झरने जैसा दृश्य बन गया है।

हर साल जलाशय के छलकने का रहता है इंतजार। मानसून शुरू होने के साथ ही जिलेवासियों की नजर तांदुला के जलस्तर पर रहती है। जलाशय के छलकने का इंतजार हर साल रहता है। इस बार लगातार हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह यह इंतजार खत्म हुआ। बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन तांदुला का छलकना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

तांदुला क्षेत्र में दो बड़े जलाशय हैं। एक तांदुला जलाशय और दूसरा सूखा जलाशय (गोंदली) है। दोनों जलाशयों में पर्याप्त पानी भरने के बाद ओवरफ्लो से झरने जैसा खूबसूरत दृश्य बनता है। बारिश के मौसम में यह क्षेत्र लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। जलाशय के छलकने की खबर के बाद अब दूर-दूर से लोग यहां पहुंच रहे हैं।

जिला मुख्यालय से सटे तांदुला जलाशय को जीवनदायिनी कहा जाता है। यह बालोद के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और भिलाई क्षेत्र के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है। इसी वजह से तांदुला को क्षेत्र की सुख-समृद्धि का परिचायक भी माना जाता है।

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