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चक्रवात अर्नब का असर: जगदलपुर में बारिश थमी, इंद्रावती उफान पर, कई इलाकों में बिजली बंद

चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से जगदलपुर में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश रविवार को थम गई। हालांकि, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने का सिलसिला जारी है। इसके चलते इंद्रावती समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। निचले और संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

इंद्रावती नदी का जलस्तर शनिवार रात 8 बजे तक 12.56 मीटर पहुंच गया था। यह खतरे के निशान से करीब 4.26 मीटर ज्यादा है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। नदी-नालों के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्थिति का जायजा लेकर मैदानी अमले और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी रखने और राहत-बचाव दलों को तैयार रखने कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

बढ़ते जलस्तर और जलभराव के चलते विद्युत वितरण कंपनी ने दुर्घटना रोकने के लिए जगदलपुर के कई हिस्सों में आपातकालीन शटडाउन किया है। 11 केवी हाउसिंग बोर्ड, गणपति और पथरागुड़ा फीडर से बिजली आपूर्ति बंद की गई है। इससे हाउसिंग बोर्ड, 440 फ्लैट्स, खपराभट्टी, आमागुड़ा चौक से एनएमडीसी चौक, गणपति रिसॉर्ट, चिमनी भट्टी और गिल बाड़ा प्रभावित हैं।

सुगम, रिलायंस और सोढ़ी पेट्रोल पंप क्षेत्र के साथ लालबाग, बैंक कॉलोनी और वीआईपी कॉलोनी में भी बिजली बंद है। विद्युत कंपनी की टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। जलस्तर कम होने और हालात सुरक्षित होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से बिजली बहाल की जाएगी। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों में बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों से दूर रहने की अपील की है।

इस बीच, अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) जगदलपुर की टीम लगातार दो दिनों से बाढ़ प्रभावितों की मदद में जुटी है। टीम ने भगतसिंह स्कूल, पंचपथ चौक स्कूल और हाटकचोरा हाई स्कूल स्थित राहत शिविरों का दौरा कर प्रभावितों को चाय, ब्रेड, बिस्किट, मिक्चर समेत अन्य खाद्य सामग्री वितरित की।

अधिवक्ताओं ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और किसी भी आपात स्थिति में 24 घंटे सहायता के लिए उपलब्ध रहने का भरोसा दिया। सेवा कार्य में मध्यप्रांत की सहसंयोजक झरना बांगर सिंह, बस्तर संभाग प्रमुख सपन देवांगन, अर्पित मिश्रा, प्रतिमा राय सहित परिषद के पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय रहे। टीम ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों का मनोबल बढ़ाया और लगातार दो दिनों तक सेवा कार्य किया।

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