राज्य में रह रहे विदेशी नागरिकों के सत्यापन और उनके विरुद्ध दर्ज एनडीपीएस मामलों में गृह मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुपालन को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य स्तरीय नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन कमेटी (एनसीओआरडी) की बैठक में विदेशी नागरिकों की जानकारी संकलित करने सहित दिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों पर अमल न होने से नाराज गृह विभाग ने सभी संबंधित विभागों को पुनः पत्र जारी किया है। विभाग ने सख्त लहजे में एक सप्ताह के भीतर पालन प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है।
गृह विभाग के अवर सचिव राजेश तिग्गा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद विभागों को कार्रवाई विवरण भेजा गया था, लेकिन प्रतिवेदन अब तक अप्राप्त है। गृह विभाग ने निर्देशित किया है कि प्रदेश में निवासरत सभी विदेशी नागरिकों की पूरी जानकारी पुलिस और अभियोजन विभाग प्राथमिकता से जुटाए।
इसके अतिरिक्त, एनडीपीएस मामलों में हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों के प्रकरणों में अभियोजन वापसी संबंधी केंद्रीय गृह मंत्रालय की एसओपी का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कर विस्तृत ब्योरा सौंपा जाए।
एनसीओआरडी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के कतिपय क्षेत्रों में सामने आ रही अफीम की अवैध खेती को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग को इस संबंध में तस्वीरें और खुफिया इनपुट राजस्व, वन एवं पुलिस प्रशासन के साथ साझा करने का जिम्मा मिला है।
दूसरी ओर, कूरियर, ट्रांसपोर्ट और डाक पार्सल के जरिए होने वाले मादक पदार्थों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए डाक विभाग, निजी कूरियर कंपनियों और ई-कॉमर्स मंचों के साथ मिलकर एक साझा ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने को कहा गया है।
नारकोटिक्स तस्करी में लिप्त जब्त वाहनों के राजसात और नीलामी की सुस्त प्रक्रिया पर भी नकेल कसी गई है। जिला कलेक्टरों और पुलिस विभाग को जिलेवार वाहनों की जब्ती, राजसात और नीलामी का पूरा ब्योरा देने के निर्देश दिए गए हैं।
युवाओं को सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से सभी स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को पूर्ण रूप से ड्रग-फ्री जोन घोषित किया जाएगा। साथ ही छात्रों की स्वैच्छिक जांच, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग को कार्ययोजना लागू करनी होगी।



