
जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र के समडमा गांव में रविवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे चल रही बकरियों को कुचल दिया। इस हादसे में 15 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बेकाबू ट्रक ने एक एलपीजी सिलेंडर से भरे ट्रक और एक केमिकल टैंकर को भी टक्कर मार दी।
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच ट्रक (CG 15 EA 1506) अंबिकापुर से ओडिशा की ओर जा रहा था। समडमा गांव के पास एक मोड़ पर ट्रक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। बेकाबू ट्रक सड़क किनारे मौजूद बकरियों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया, जिसमें 15 बकरियों की मौत हो गई।
इसके बाद चालक ने ट्रक को रोकने के बजाय तेज रफ्तार में आगे बढ़ा दिया। कुछ दूर जाकर ट्रक की टक्कर एलपीजी गैस सिलेंडर से भरे ट्रक (MH 04 GR 3319) से हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एलपीजी लोड ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद बेकाबू ट्रक एक केमिकल टैंकर से भी जा टकराया और फिर जाकर रुका।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खेतों में काम कर रहे किसान-मजदूर और राहगीर मौके पर जमा हो गए। सड़क पर मरी हुई बकरियों के शव बिखरे पड़े थे। इसी दौरान मौका पाकर हादसा करने वाला ट्रक चालक वहां से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर तपकरा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश के साथ मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बीच, जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में 461 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 341 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2025 में 458 दुर्घटनाओं में 310 लोगों की जान गई। वर्ष 2026 में सितंबर तक 362 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 263 लोगों की मौत हुई है।
पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार और शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में शामिल है। सड़क हादसों को कम करने के लिए एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में पुलिस जागरूकता अभियान के साथ लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई भी कर रही है।
जिले में हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों के पालन के लिए जिले की पंचायतों की ग्राम सभाओं में प्रस्ताव भी पारित करवाए गए हैं। इसके अलावा वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प पत्र भी भरवाया जा रहा है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर हादसों वाले ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है और इन जगहों में सुधार के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है।



