
छत्तीसगढ़ में मानसून की एक्टिविटी अभी पूरी तरह थमी नहीं है। आज भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक मौसम खराब होने के दौरान कुछ जगह अचानक तेज हवा भी चल सकती है।
रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम खराब होने के दौरान बिजली चमकने और तेज हवा चलने की स्थिति बन सकती है।
तापमान की बात करें तो दुर्ग 31.6 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया।
बारिश थमने के बाद अब नदी-नालों का पानी उतर गया है। रायपुर के महादेवघाट पुल से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। अमलेश्वर जाने वाला यह रास्ता पिछले दो दिन से बंद था। महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है।
वहीं प्रदेश में उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग बह गए। इनमें 3 लोगों की मौत हो गई।
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूरी बनाए रखें। मौसम अचानक बदलने पर वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतें।
इस सीजन कोटे से 5% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। मानसून सीजन खत्म होने से 4 दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में कोटे से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। 1 जून से 30 सितंबर की सामान्य औसत बारिश 1132.3 मिमी है, जबकि 26 सितंबर तक ही 1190.7 मिमी पानी गिर चुका है, जो सामान्य से 5.16% ज्यादा है।



