
छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों की चार दिन से चल रही हड़ताल सोमवार दोपहर खत्म हो गई। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। बैठक में मंत्री ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद एसोसिएशन ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया।
मुलाकात के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने पीजी बॉन्ड की राशि 50 लाख रुपए से घटाकर 10 लाख रुपए करने और अनिवार्य सेवा की अवधि दो साल से घटाकर एक साल करने की मांग की है।
सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के पीजी फर्स्ट सेमेस्टर का स्टाइपेंड 67,500 से बढ़कर 85,050 रुपए, द्वितीय वर्ष का 71,450 से बढ़कर 90,027 रुपए और तृतीय वर्ष का 74,600 से बढ़कर 93,996 रुपए प्रतिमाह होगा। नई दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी। एमबीबीएस इंटर्न को भी 1 अक्टूबर से 25 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
एसोसिएशन के मुताबिक, अनुबंधित पोस्टग्रेजुएट मेडिकल ऑफिसर और सीनियर रेजिडेंट का वेतन पीजी थर्ड ईयर के वेतन से अधिक रखने का प्रस्ताव है। इसके लिए 95 हजार रुपए वेतन प्रस्तावित किया गया है।
मेडिकल की उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए अभी स्नातक छात्रों के लिए 25 लाख और पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए 50 लाख रुपए की बंधक राशि की व्यवस्था थी। एसोसिएशन के अनुसार, भविष्य में यह राशि जरूरी नहीं होगी। एनओसी केवल हलफनामा या शपथ पत्र के आधार पर जारी किया जाएगा।
अनुबंधित सेवा का बॉन्ड तोड़ने पर अभी स्नातक के लिए 25 लाख और पीजी के लिए 50 लाख रुपए की राशि निर्धारित थी। बैठक में इसे घटाकर स्नातक के लिए 10 लाख और पीजी के लिए 20 लाख रुपए करने पर सहमति बनी है।
एसोसिएशन ने अनुबंधित सेवा की अवधि कम करने की मांग भी रखी। अभी स्नातक और पीजी दोनों के लिए दो-दो साल की सेवा अवधि है। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि नियमित चिकित्सा अधिकारियों के पद भरने के बाद स्नातक डॉक्टरों का बॉन्ड पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों की अनुबंधित सेवा अवधि को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन से नया प्रस्ताव मांगा है। एसोसिएशन को बॉन्ड की अवधि कम करने के फायदे और संभावित जोखिमों की जानकारी प्रस्ताव में देने को कहा गया है।
सुपर स्पेशलिटी कैडर के गठन की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ जल्द चर्चा की जाएगी। एसोसिएशन के मुताबिक, नया सुपर स्पेशलिटी कैडर बनाने का आश्वासन भी दिया गया है।



