
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी है। यह पदोन्नति आदेश राज्य के राजस्व प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पदोन्नति के साथ ही इन सभी अधिकारियों की नई पदस्थापना भी कर दी गई है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कुछ अधिकारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है, जबकि कुछ को वर्तमान जिले में ही नई जिम्मेदारी दी गई है।
पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान जगह से कार्यमुक्त होने के दिन से 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना वाली जगह पर कार्यभार संभालना होगा। यह समय-सीमा सभी संबंधित अधिकारियों पर लागू होगी।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय समय में ज्वाइन नहीं करने पर पदोन्नति आदेश अपने आप निरस्त माना जाएगा। यानी यदि कोई अधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसका पदोन्नति आदेश स्वतः समाप्त हो जाएगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के इस निर्णय से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और तहसील स्तर पर कार्यों की गति बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। पदोन्नति से वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर अधिकारियों को उच्च जिम्मेदारी मिली है।
नई पदस्थापना के तहत अधिकारियों को उनके नए कार्यक्षेत्र में तहसीलदार के रूप में राजस्व, भू-अभिलेख और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों का निर्वहन करना होगा। विभाग ने सभी संबंधित जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि पदोन्नति और पदस्थापना का यह आदेश राज्य के विभिन्न जिलों में लागू होगा, जहां इन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों को कार्यमुक्त होने की तिथि से 10 दिन की अवधि के भीतर कार्यभार संभालना अनिवार्य है।



