कांकेर जिले के बांदे-छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) बॉर्डर पर ग्राम दागुनटोला-पुसगट्टा के मध्य जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से नक्सल डंप बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि माओवाद उन्मूलन अभियान के तहत जिला बल, बीएसएफ और बीडीएस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हथियार सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता के साथ सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा, डीआईजी बीएसएफ भानुप्रतापपुर दीपक तिवारी, पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा और सेनानी 94वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे रविन्द्र सिंह चंदेल के मार्गदर्शन में जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान संचालित किया जा रहा है।
बरामद सामग्री में 12 बोर सिंगल बैरल रायफल 01 नग, 12 बोर डबल बैरल रायफल 01 नग, प्रिंटर 02 नग, कारतूस 11 नग और अन्य नक्सल सामग्री शामिल हैं। 29 सितंबर को सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को यह सफलता मिली। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर बीएसएफ 94वीं वाहिनी एच.एन. शर्मा और हनुमान सहाय मीणा ने किया।
कांकेर पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त अभियान और सघन सर्चिंग आगे भी जारी रहेगी।
इससे पहले 16 अप्रैल 2024 को कांकेर जिले के छोटेबेठिया क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने ऐतिहासिक मुठभेड़ में 29 माओवादियों को ढेर किया था और भारी मात्रा में ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए थे।
10 मई 2024 को बीजापुर के पीडिया जंगल में संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान मुठभेड़ में 12 वर्दीधारी माओवादी मारे गए थे।
04 अक्टूबर 2024 को अबूझमाड़ के थुलथुली क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ कर 31 माओवादियों को मार गिराया था, जिसमें शीर्ष कमांडर शामिल थे।
16 जनवरी 2025 को बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 14 माओवादियों को मार गिराकर विशाल हथियार डिपो ध्वस्त किया था।



