
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान कॉलेज की छात्राओं ने प्रोफेसर जेपी राणा पर अश्लील मैसेज भेजने और आधी रात वॉट्सऐप कॉल करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रोफेसर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई और वॉट्सऐप पर आए कॉल और मैसेज के स्क्रीनशॉट भी सौंपे।
एक छात्रा ने बताया कि प्रोफेसर जेपी राणा ने आधी रात कई छात्राओं को वॉट्सऐप पर कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं करने पर उन्होंने पैसे देकर पास बुलाने की बात लिखी। छात्रा ने कहा, ‘ज्योति प्रभात राणा सर ने मुझे अश्लील मैसेज भेजे। लिखा- पैसे दूंगा तो क्या मेरे पास आओगी? आधी रात उन्होंने गंदी बातें कीं। लड़कियों को पैसे से तोल रहे हैं।’
छात्रा के मुताबिक, प्रोफेसर ने एक मैसेज में लिखा- ‘50 हजार में महिला प्रोफेसर आ जाती, तुम आ जाओ।’ छात्राओं ने यह भी बताया कि कॉलेज प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
छात्रों के मुताबिक, उन्होंने पहले कॉलेज की प्रिंसिपल वीणा त्रिपाठी से शिकायत की थी। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने मामले को कॉलेज स्तर पर ही सुलझाने की बात कही, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद छात्र-छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दी।
विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर जेपी राणा ने खुद इस्तीफा दे दिया। कॉलेज प्रबंधन ने इस्तीफा स्वीकार किए जाने की जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, प्रोफेसर जेपी राणा राजनीतिक विज्ञान विभाग में करीब तीन साल से पदस्थ थे।
इस्तीफे के बावजूद छात्रों का आंदोलन जारी रहा। मंगलवार को छात्रों ने कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि अगर संबंधित प्रोफेसर ने इस्तीफा दे दिया है तो कॉलेज प्रशासन इसकी जानकारी सार्वजनिक करने से क्यों बच रहा है। छात्रों ने इस्तीफे की प्रति सार्वजनिक करने की मांग की।
विरोध में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मेन गेट पर धरना दिया और प्रिंसिपल पर मामला दबाने का आरोप लगाया। कई घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और छात्रों के दबाव के बाद प्राचार्य ने छात्रों को प्रोफेसर का इस्तीफा पत्र दिखाया। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मामले में प्रोफेसर जेपी राणा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। वहीं, कॉलेज प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई के संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल मामले में छात्रों की शिकायत, प्रोफेसर के इस्तीफे और कॉलेज में हुए प्रदर्शन के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



