सरगुजा रेंज में आपातकालीन सेवा डायल 112 में ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता पर कार्रवाई हुई है। नशे की हालत में शासकीय वाहन को दुर्घटनाग्रस्त करने वाले दो आरक्षकों को सेवा से पृथक कर दिया गया है। वहीं, थाना कोटाडोल क्षेत्र में डायल 112 की टीम द्वारा नाबालिग बालिका को बचाने के सराहनीय कार्य की प्रशंसा की गई है।
इस संबंध में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने कहा कि डायल 112 का प्रत्येक इवेंट महत्वपूर्ण और रिस्पांस टाइम वाला होता है। इसमें तैनात प्रत्येक कर्मचारी को एक जिम्मेदार नागरिक की तरह कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। भविष्य में लापरवाही या नशे की हालत में ड्यूटी पर पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पहला मामला जिला बलरामपुर-रामानुजगंज का है, जहां डायल 112 वाहन क्रमांक सीजी 03-2749 में तैनात आरक्षक क्रमांक 878 संजय मारकण्डेय और चालक आरक्षक ने महत्वपूर्ण इवेंट आने पर नशे की हालत में वाहन को लापरवाहीपूर्वक दुर्घटनाग्रस्त कर दिया।
दूसरा मामला जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के थाना जनकपुर क्षेत्र का है, जहां वाहन क्रमांक सीजी 03-2700 में तैनात आरक्षक क्रमांक 204 अविनाश गुप्ता ने इवेंट के दौरान नशे की हालत में वाहन दुर्घटनाग्रस्त कर दिया। दोनों मामलों को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर और एमसीबी द्वारा दोनों आरक्षकों को सेवा से पृथक कर दिया गया।
आईजी झा ने थाना कोटाडोल क्षेत्र के डायल 112 के कार्य की प्रशंसा की है। 19 सितंबर 2026 को थाना कोटाडोल क्षेत्र में सूचना मिली कि एक बालिका के साथ अश्लील हरकत का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए समय से पहले मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया और बालिका को सुरक्षित बचाया। ग्रामीणों ने भी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के कार्य की सराहना की।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम नागरिकों को त्वरित सुरक्षा देने के लिए 20 मई 2026 को डायल 112 के फेज-दो नेक्स्ट जनरेशन वाहनों का शुभारंभ किया गया था। सरगुजा रेंज में कुल 60 वाहन आवंटित हैं, जिनमें सरगुजा में 12, सूरजपुर में 12, जशपुर में 11, बलरामपुर में 11, एमसीबी में आठ और कोरिया में छह वाहन शामिल हैं।
शहरी क्षेत्र में 10 से 15 मिनट और ग्रामीण में 20 से 25 मिनट के रिस्पांस टाइम के साथ त्वरित सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। आईजी झा ने आम जनता से अपील की है कि प्रत्येक नागरिक के पास डायल 112 नंबर होना चाहिए। किसी भी विषम परिस्थिति, संदिग्ध गतिविधि या दुर्घटना के दौरान बिना किसी संकोच के 112 पर कॉल कर मदद ली जा सकती है।



