
छत्तीसगढ़ के धमतरी में लगातार बारिश के बाद महानदी उफान पर है। गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। तटीय इलाकों में पानी भरने के बाद कई गांवों को खाली कराया गया है।
इसी बीच कुरुद थाना क्षेत्र के नारी गांव में बाढ़ के पानी में बहकर आई शराब की बोतलों को लोग पकड़ते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नारी गांव के पास स्थित शराब दुकान में करीब 12 फीट पानी भर गया। बाढ़ के दौरान दुकान में कर्मचारी फंस गए थे। उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर की शाम दुकान में वेयरहाउस से शराब खाली करने के लिए वाहन आया था। इसी दौरान अचानक बाढ़ का पानी बढ़ गया।
बाढ़ के पानी में शराब की बोतलें बहकर आने के बाद स्थानीय लोग उन्हें पकड़ने लगे। वायरल वीडियो में कुछ लोग सब्जी के कैरेट और मछली पकड़ने वाले जाल का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग कहते सुनाई दे रहे हैं- ‘मछली नहीं, दारू फंस रहा है।’
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नारी गांव में शराब दुकान करीब 7 महीने पहले शुरू हुई है। दुकान के लिए चार लोगों ने आवेदन किया था। लोगों का कहना है कि सुरक्षित जमीन को छोड़कर बाढ़ की आशंका वाली जगह पर शराब दुकान का चयन किया गया।
एनीकट से 50 मीटर दूरी पर दुकान होने का दावा स्थानीय लोगों ने आबकारी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि शराब दुकान तालाब, एनीकट और स्कूल से 500 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। उनका दावा है कि नारी की शराब दुकान एनीकट से करीब 50 मीटर की दूरी पर ही है। लोगों ने दुकान को सुरक्षित स्थान पर खोलने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब दुकान में शराब खाली करने के लिए वाहन आया था। इसी दौरान बाढ़ आने से कर्मचारी फंस गए और उन्हें रेस्क्यू करना पड़ा। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए दुकान को दूसरी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। इससे जान का खतरा टलेगा और बाढ़ की स्थिति में शासन को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा।



