
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक तेंदुए ने पालतू जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते का शिकार कर लिया। यह घटना चारामा के टिकरापारा वार्ड में रहने वाले परमेश्वर देवांगन के घर पर 23 सितंबर की रात हुई। उनका घर जंगल से लगा हुआ है। रात के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे।
परमेश्वर देवांगन ने जर्मन शेफर्ड नस्ल का पालतू कुत्ता पाल रखा था। रात में कुछ देर तक वह कुत्ता घर की छत पर घूम रहा था और फिर नीचे चला गया। इसी दौरान जंगल से आया एक तेंदुआ अचानक उनके घर की छत पर पहुंच गया। तेंदुआ पहले छत पर इधर-उधर चहलकदमी करता नजर आया।
इसी बीच जर्मन शेफर्ड नीचे से छत की ओर आ रहा था। कुत्ते की आहट सुनते ही तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुए ने कुत्ते को दबोच लिया और उसे लेकर जंगल की ओर चला गया। पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।
मकान मालिक परमेश्वर देवांगन के अनुसार, घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। देर रात घर के बाहर कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिजनों ने बाहर की ओर देखा तो तेंदुआ कुत्ते को लेकर घर के पीछे स्थित नाली की तरफ भाग रहा था। उस समय अंधेरा होने के कारण परिवार को घटना की पूरी जानकारी नहीं हो पाई।
सुबह जब CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी गई तो पूरी घटना साफ हो गई। फुटेज में तेंदुआ कुत्ते को दबोचकर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत है और लोग रात के समय घर से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं।
घटना की जानकारी परमेश्वर देवांगन ने वन विभाग को दी। वन विभाग के SDO जेएस मरावी ने बताया कि टीम को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। क्षेत्र में गश्त भी बढ़ाई जाएगी। लोगों को सतर्क करने के लिए सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
इसी बीच, कांकेर जिले के चारामा नगर में गुरुवार सुबह से जंगली भालू की हलचल ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह करीब 5 बजे से भालू शहर के अलग-अलग वार्डों में घूमता दिखाई दिया। वह कई घरों के पास पहुंचा और दरवाजे खटखटाए। भालू पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में भी देखा गया।
सूचना के बाद वन विभाग की टीम अलर्ट है और लगातार भालू की लोकेशन ट्रैक कर रही है। लोगों से सावधानी बरतने और मॉर्निंग वॉक पर नहीं जाने की अपील की गई है।
कांकेर शहर और आसपास के रिहायशी इलाकों में वन्यप्राणियों के पहुंचने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी तेंदुए और भालू आबादी वाले इलाकों में देखे जा चुके हैं। तेंदुए के कुत्ते, मुर्गी और मवेशियों का शिकार करने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने वन विभाग से रिहायशी इलाकों में गश्त बढ़ाने और वन्यप्राणियों की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। लोगों ने सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की भी मांग की है।
इससे जुड़ी एक अन्य घटना में, कांकेर जिले में एक मादा भालू ने हमला कर भाई और बहन की जान ले ली। मारने के बाद वह उनके शवों को नोचती रही, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है। यह घटना बुधवार दोपहर की है। हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे रायपुर रेफर किया गया है। यह घटना नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला गांव की है।



