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मंत्रालय की स्टाफ बसों की फिटनेस जांच: पहले दिन 107 में से 35 बसें अत्यंत खराब मिलीं, केवल 10 फिट

रायपुर। मंत्रालय की स्टाफ बसों का शनिवार को आमानाका बस डिपो में विशेष फिटनेस परीक्षण किया गया। पहले दिन 107 बसों की जांच में 35 बसें अत्यंत खराब मिलीं। 62 बसों में खामियां दर्ज की गईं, जबकि केवल 10 बसें फिटनेस जांच में सही पाई गईं। मंत्रालय में गुरुवार को स्टाफ बस में आग लगने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद यह दो दिवसीय विशेष जांच शुरू की गई है। जांच रविवार को भी जारी रहेगी।

आरटीओ की जांच में कई बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां मिली हैं। सबसे ज्यादा आपत्ति इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगे होने को लेकर सामने आई। कुछ बसों के इमरजेंसी गेट खुल नहीं रहे थे। कई बसों में व्हील नट कम मिले। इसके अलावा हेडलाइट, ब्रेक लाइट, रिवर्स लाइट, इंडीकेटर, जीपीएस और स्पीड गवर्नर खराब मिले। कई बसों का फर्श और रनिंग प्लेट भी टूटा हुआ पाया गया।

जांच रिपोर्ट में कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र की वैधता समाप्त मिली। एक बस में हैंड ब्रेक नहीं था, जबकि दूसरी में हैंड ब्रेक कमजोर पाया गया। कई बसों में जीपीएस और स्पीड गवर्नर खराब थे। कुछ बसों के टायर भी खराब मिले। एक बस का फ्रंट ग्लास टूटा था। जांच में यह भी सामने आया कि कई बसों में इमरजेंसी गेट के पास और पीछे के दरवाजे के सामने सीटें लगा दी गई थीं।

मंत्रालय में चल रही अधिकांश स्टाफ बसें पुरानी होकर खराब स्थिति में पहुंच चुकी हैं। ये बसें 2012-13 में खरीदी गई थीं। बस संचालन के लिए दुर्गांबा ट्रैवल के साथ एनआरडीए-नगर निगम का मौजूदा टेंडर 30 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। नई बसों के लिए नया टेंडर किए जाने की तैयारी है। तब तक मौजूदा बसों से ही स्टाफ परिवहन जारी रखने की व्यवस्था है। फिटनेस जांच में गंभीर खामी मिलने वाली बसों को संचालन से हटाया जा सकता है।

बसों की फिटनेस जांच रविवार को भी जारी रहेगी। खराब पाई गई बसों को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

आशीष देवांगन, आरटीओ रायपुर

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