बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में फेसबुक के माध्यम से हुई पहचान के बाद राष्ट्रीय पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर करीब 82 लाख 63 हजार 194 रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। सरकंडा पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकंडा के श्री विहार निवासी चेतन आनंद दुबे ने शिकायत में बताया है कि करीब एक साल पहले फेसबुक के माध्यम से उनकी पहचान खोंगापानी, मनेंद्रगढ़ निवासी निखत परवीन साबरी से हुई थी। बातचीत के दौरान निखत ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए केंद्र और राज्य के बड़े नेताओं से संपर्क होने का दावा किया। उसने किसी भी काम को आसानी से कराने का भरोसा दिलाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार गतौरी में उनकी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पटवारी और राजस्व निरीक्षक से संबंधित काम को लेकर उन्होंने निखत से मदद मांगी। निखत ने यह काम करा दिया, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया।
इसी दौरान निखत ने उन्हें राजनीति में रुचि होने और पढ़ा-लिखा होने का हवाला देते हुए पार्टी में शामिल होने की सलाह दी। उसने राष्ट्रीय पार्टी में पद दिलाने का दावा करते हुए पार्टी फंड के नाम पर रकम जमा कराने को कहा।
शिकायत के मुताबिक शुरुआत में निखत ने अपना सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर देकर रकम जमा कराई। बाद में हर महीने अलग-अलग रकम जमा कराने लगी। कुछ राशि उसकी बहन सायना परवीन साबरी के खाते में भी जमा कराई गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 11 जुलाई 2025 से 17 अगस्त 2026 के बीच उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से निखत के खातों में 62 लाख 63 हजार 194 रुपये तथा अलग-अलग समय पर 20 लाख रुपये नकद दिए। इस तरह कुल 82 लाख 63 हजार 194 रुपये दिए गए।
रकम देने के बाद जब उन्होंने पार्टी में पद दिलाने या पैसा वापस करने की मांग की तो निखत ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उसने बातचीत बंद कर दी और फोन करने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने अपने दोस्तों के खातों और च्वाइस सेंटर के माध्यम से भी रकम जमा कराने की बात कही है। पुलिस ने ट्रांजेक्शन की प्रतियां और अन्य दस्तावेज लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।



