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रायपुर के बोरियाखुर्द में नाले में बहा साढ़े सात वर्षीय त्रिवेंद्र, अस्पताल में मौत

राजधानी रायपुर के बोरियाखुर्द में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। साढ़े सात वर्षीय त्रिवेंद्र पवार नाले के तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने रेस्क्यू टीम की मदद से बच्चे की तलाश की, लेकिन करीब एक किलोमीटर दूर मिलने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार श्रद्धा विहार, बोरियाखुर्द निवासी लक्ष्मीनारायण पवार अपने जुड़वा बच्चों त्रिवेंद्र और बेटी के साथ तालाब में पूजा सामग्री विसर्जित करने गए थे। विसर्जन के बाद वे घर लौट रहे थे।

इस दौरान तालाब के पास से गुजर रहे नाले में त्रिवेंद्र पैर धोने के लिए उतरा। तभी अचानक पैर फिसलने से वह नाले के तेज बहाव में बह गया। पिता और बहन की आंखों के सामने देखते ही देखते त्रिवेंद्र पानी की तेज धार में बहता चला गया।

घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन नाले का बहाव तेज होने के कारण उसे पकड़ा नहीं जा सका। आसपास के लोग भी दौड़े, लेकिन तब तक बच्चा बह चुका था। स्वजनों और आसपास के लोगों ने बच्चे को बचाने की काफी कोशिश की।

सूचना मिलने पर टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू टीम को लगाया गया। करीब एक किलोमीटर दूर वह मिला। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पूरी घटना पास लगे एक CCTV में कैद हो गई है। वीडियो में दिख रहा है कि त्रिवेंद्र पिता और बहन के साथ घर जा रहा था। इस दौरान पैर धोने के लिए रुके। गाड़ी से उतरकर पिता उसका पैर धुला रहे थे, तभी त्रिवेंद्र का पैर फिसला और वह गहराई में चला गया। इस दौरान पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की। चीख-पुकार से आसपास के लोग भी जमा हो गए, लेकिन तब तक वह बह चुका था।

बारिश के दौरान शहर और आसपास के इलाकों में खुले नाले और तेज बहाव वाले जलमार्ग हादसों का कारण बन रहे हैं। कई जगह नालों के किनारे सुरक्षा जाली या पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं होने से खतरा बढ़ जाता है। पानी भरने के बाद नाले और आसपास का क्षेत्र एक जैसा दिखाई देने लगता है। ऐसे में बच्चों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। साथ ही लोगों की लापरवाही के चलते भी हादसा हो जाता है।

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10 अप्रैल 2026: पलौद, नया रायपुर में तीन नाबालिग बहनें नहर में नहाने गई थीं। वे तेज बहाव में बह गईं। मौके पर मौजूद महिलाओं ने दो को बचा लिया, जबकि 13 वर्षीय बच्ची बहाव में दूर चली गई। उसकी मौत हो गई।

18 अगस्त 2026: महात्मा गांधी नगर, राजेंद्र नगर में काव्यांश उर्फ बल्लू साहू, चार वर्ष बड़ी बहन के साथ सामान लेने गया था। वापसी में कीचड़ में पैर फिसला और खुले नाले में गिर गया। नाले से निकालकर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

28 अगस्त: महादेव घाट पर रायपुरा निवासी 35 वर्षीय युधिष्ठिर सारंग अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए परिवार के साथ गया था। विसर्जन के बाद नदी में नहाने के दौरान वह गहरे पानी और एनीकट के तेज भंवर की चपेट में आ गया। घटना के एक दिन बाद उसका शव मिला।

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