धमतरी के गंगरेल बांध से 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी में उफान आ गया है। इस उफान के कारण जांजगीर-चांपा जिले का प्रसिद्ध तीर्थनगर शिवरीनारायण जलमग्न हो गया है और वह टापू में बदल गया है।
गंगरेल बांध से छोड़े गए 3 लाख क्यूसेक पानी के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ा और शिवरीनारायण क्षेत्र में पानी फैल गया। तीर्थनगर के जलमग्न होने से वहां टापू जैसी स्थिति बन गई है।
शबरी पुल पर 5 फीट पानी बह रहा है। इसके कारण रायपुर, बलौदाबाजार और सारंगढ़ का संपर्क टूट गया है।
महानदी के उफान और बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों के घरों में पानी भर गया है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।
गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी में आए उफान का असर जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण क्षेत्र में सबसे अधिक देखने को मिल रहा है, जहां तीर्थनगर पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।
शबरी पुल पर 5 फीट पानी बहने से रायपुर, बलौदाबाजार और सारंगढ़ के बीच आवागमन बाधित हो गया है और संपर्क टूट गया है। साथ ही तटीय इलाकों के घरों में पानी भर जाने से वहां के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



