
छत्तीसगढ़ के 100 से ज्यादा अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज किए जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद बुधवार को विभाग ने यह कार्रवाई की। इनमें रायपुर समेत कई जिलों के सरकारी और प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम शामिल हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एक साथ छापेमारी की।
विभाग की अलग-अलग टीमें अस्पतालों में पहुंचीं। टीम ने आयुष्मान कार्ड से किए गए इलाज और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। आयुष्मान कार्ड से कितने मरीजों का इलाज चल रहा है और वास्तव में मरीजों का इलाज किया जा रहा है या डमी पेशेंट के नाम पर इलाज दिखाया गया है, इसकी भी जांच की गई।
15 से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में जांच भास्कर की पड़ताल के बाद एक्शन दैनिक भास्कर ने आयुष्मान योजना में चल रहे इस फर्जीवाड़े की पड़ताल के लिए 22 दिनों तक स्टिंग ऑपरेशन किया था। पड़ताल के दौरान अस्पतालों में डमी मरीजों की भर्ती, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इलाज दिखाने और क्लेम के बदले दलालों को कमीशन देने की जानकारी सामने आई थी।
28 सितंबर को भास्कर ने इस पूरे खेल का खुलासा करते हुए खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर विभाग की टीम ने रायपुर के कुछ निजी अस्पतालों में दबिश देकर मौके पर मरीजों, अस्पताल के रिकॉर्ड और आयुष्मान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। अब 100 से ज्यादा अस्पतालों में जांच जारी है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाखों का क्लेम भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि आयुष्मान कार्ड वाले गरीब लोगों को कमीशन का लालच देकर रायपुर लाया जा रहा था। अस्पतालों में बिना गंभीर बीमारी के मरीजों को भर्ती दिखाकर उनके हाथ में कैनुला और पट्टियां लगाई जा रही थीं। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 1 से 2 लाख रुपए तक के क्लेम बनाए जा रहे थे। इस पूरे खेल में दलालों को 10 से 15% तक कमीशन देने की बात भी सामने आई थी।
बीजू स्वास्थ्य कार्ड में भी फर्जीवाड़ा जानकारी के मुताबिक, बीजू स्वास्थ्य कार्ड में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना ओडिशा सरकार की योजना है। छत्तीसगढ़ के कुछ अस्पतालों में भी पात्र मरीजों को इलाज की सुविधा मिलती है इसके तहत पात्र परिवारों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। अस्पताल में मरीज की पात्रता और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद योजना के तहत इलाज किया जाता है।
क्या है आयुष्मान कार्ड स्मार्ट कार्ड: छत्तीसगढ़ की पुरानी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में इस्तेमाल होता था। बाद में इसे केंद्र की आयुष्मान योजना के साथ जोड़ा गया। आयुष्मान कार्ड: केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में अब आयुष्मान कार्ड/ई-कार्ड के जरिए रजिस्टर्ड हॉस्पिटलों में योजना के तहत इलाज की सुविधा मिलती है।
कोई आधिकारिक बयान नहीं आया फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन अस्पतालों में क्या गड़बड़ी मिली है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
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