
छत्तीसगढ़ में 2 दिन की बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। धमतरी जिले के नारी गांव में महानदी किनारे स्थित शराब दुकान में बाढ़ का पानी घुस आया, जिससे दुकान में रखी शराब की बोतलें तेज बहाव में बह गईं। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण नदी किनारे बने ब्रिज पर पहुंच गए।
लोगों ने सब्जी रखने वाले कैरेट और मछली पकड़ने वाले जाल को रस्सी से बांधकर नदी में फेंका और बहती बोतलें निकालते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मछुआरे ये कहते नजर आए कि, जाल में मछली नहीं दारू फंस रहा है। नदी में बही बोतलें देशी शराब बताई जा रही हैं। कितनी बोतलें बहीं, इसका आकलन किया जा रहा है।
नारी गांव में शनिवार (26 सितंबर) को बाढ़ के पानी में शराब की बोतलें बहकर आने के बाद स्थानीय लोग उन्हें पकड़ने लगे। वीडियो में कुछ लोग ओवर ब्रिज पर खड़े होकर सब्जी के कैरेट और मछली पकड़ने वाले जाल से बोतलें निकालते नजर आ रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग कहते सुनाई दे रहे हैं- ‘मछली नहीं, दारू फंस रहा है।’
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नारी गांव में शराब दुकान करीब 7 महीने पहले शुरू हुई थी। दुकान के लिए 3 लोगों ने आवेदन किया था। लोगों का कहना है कि सुरक्षित जमीन को छोड़कर बाढ़ की आशंका वाली जगह पर शराब दुकान खोली गई थी।
स्थानीय लोगों ने आबकारी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि शराब दुकान तालाब, एनीकट और स्कूल से 500 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। उनका दावा है कि नारी की शराब दुकान एनीकट से करीब 50 मीटर की दूरी पर ही है। लोगों ने दुकान को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब दुकान में शराब खाली करने के लिए वाहन आया था। इसी दौरान अचानक बाढ़ का पानी बढ़ गया और दुकान के कर्मचारी अंदर फंस गए। बाद में उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए शराब दुकान को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों की जान को खतरा नहीं रहेगा और बाढ़ की स्थिति में शासन को राजस्व के नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
हालांकि, बाढ़ के पानी में शराब की कितनी बोतलें बह गईं और इससे कितना नुकसान हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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