
जशपुरनगर- : सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस ने हथियारों के बल पर लोगों को डराकर पैसे मांगने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पल्टू दास उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम कुसुमगढ़, जिला गुमला, झारखंड घटना के बाद से लगातार फरार था और मुंबई में छिपकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल क्षेत्र में दो सशस्त्र व्यक्ति राहगीरों को भयभीत कर उनसे पैसे मांग रहे हैं। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया। पुलिस को आता देखकर दोनों आरोपी हथियार और अन्य सामान मौके पर छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए।
मौके से पुलिस ने इंसास रायफल की मैगजीन, एक होममेड रायफल मय मैगजीन, एक देसी कट्टा, 6 जिंदा कारतूस, 4 लोहे के बने बोल्ट, हथौड़ी, तलवार, कैंची, बैग और कुछ दस्तावेज बरामद किए थे। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान हृदय साहू उर्फ गंगू निवासी लूंगा, थाना रायडीह, जिला गुमला और पल्टू दास निवासी सकरा, थाना कुरुमगढ़, जिला गुमला के रूप में की। हृदय साहू को पहले गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका था, जबकि पल्टू दास लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और संभावित ठिकानों पर निगरानी के बाद आरोपी के मुंबई में छिपे होने की जानकारी जुटाई। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम मुंबई भेजी गई, जहां से आरोपी को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह अपने सह-आरोपी के साथ जंगल क्षेत्र में लोगों को हथियार दिखाकर डराता था और उनसे अवैध रूप से पैसे वसूलता था। पुलिस के अनुसार उसने पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रहने तथा वर्ष 2012 में जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियार अपने कब्जे में लेने की बात भी बताई है। इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पल्टू दास को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरूद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह एवं नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



