
रायपुर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक बुधवार को MIC सदस्यों और निगम अधिकारियों के बीच विवाद के चलते तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। बैठक दोपहर 1 बजे बुलाई गई थी, लेकिन आपसी खींचतान और नाराजगी के चलते कई घंटे बाद बैठक शुरू हुई।
MIC सदस्यों की नाराजगी अधिकारियों के रवैये को लेकर बताई जा रही है। बैठक शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। इसके बाद सदस्यों की ओर से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई। कार्रवाई के बाद ही बैठक शुरू होने पर सहमति बनी।
MIC की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी, जिनमें भाटागांव सब्जी बाजार की व्यवस्था, संपत्ति कर, वार्डों के विकास कार्य, शहर की सफाई, अवैध निर्माण और बेजा कब्जे के साथ जल जीवन से जुड़े मुद्दे शामिल थे। बैठक में देरी के चलते इन मुद्दों पर चर्चा भी तय समय पर शुरू नहीं हो सकी।
निगम के अंदर MIC और अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आया है। बैठक में देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी महापौर परिषद और अधिकारियों के बीच विवाद पर सवाल उठाए।
आकाश तिवारी ने कहा कि निगम में चुने हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं होने का असर शहर के कामकाज पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब MIC की बैठक ही समय पर नहीं हो पा रही है तो वार्डों के विकास कार्यों पर फैसले और उनका क्रियान्वयन कैसे समय पर होगा।
आकाश तिवारी ने महापौर से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विवाद की असली वजह क्या है, MIC सदस्यों की नाराजगी किस अधिकारी या किस घटनाक्रम को लेकर है, इसे लेकर निगम की ओर से अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
हालांकि बैठक में देरी ने निगम के भीतर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान को जरूर सामने ला दिया है।



