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मोबाइल छोड़िए, किताब उठाइए! रात में छात्रावास पहुँचीं कलेक्टर, छात्राओं से हिंदी-अंग्रेजी की किताबें पढ़वाकर परखा पठन कौशल

‘बलरामपुर पढ़ेगा हर दिन 20 मिनट’ अभियान को बढ़ावा देने जगिमा के पहाड़ी कोरवा बालिका छात्रावास पहुँचीं कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, छात्राओं का आत्मविश्वास देख जताई प्रसन्नता

बलरामपुर-रामानुजगंज। बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके पठन कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अनूठी पहल की। 27 अक्टूबर की रात वे विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम जगिमा स्थित पहाड़ी कोरवा बालिका छात्रावास के औचक निरीक्षण पर पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद किया, उनकी पढ़ाई का जायजा लिया और हिंदी व अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकें पढ़वाकर उनके पठन कौशल को परखा।

छात्राओं से किताबें पढ़वाकर परखा आत्मविश्वास

कलेक्टर ने छात्रावास के कमरों में पहुँचकर छात्राओं से उनकी पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या और पाठ्यपुस्तकों के संबंध में जानकारी ली। उनके आग्रह पर छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिंदी और अंग्रेजी की किताबों के अंश पढ़कर सुनाए। छात्राओं की भागीदारी, पढ़ने के प्रति रुचि और आत्मविश्वास देखकर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया।

यह निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं को नियमित पढ़ने, भाषा पर पकड़ मजबूत करने और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने की प्रेरणा देने का अवसर भी बना।

मिशन आचार्य के तहत हर दिन 20 मिनट पढ़ने की अपील

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के नेतृत्व में जिले में बच्चों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने और पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए ‘मिशन आचार्य’ संचालित किया जा रहा है। इसी के तहत ‘बलरामपुर पढ़ेगा हर दिन 20 मिनट’ थीम के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के साथ प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई के लिए कहना नहीं, बल्कि स्वयं पढ़कर उनके सामने उदाहरण प्रस्तुत करना है। इसके लिए अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे पढ़ने के समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखें और बच्चों के साथ किताबों को समय दें।

जगिमा छात्रावास में छात्राओं से सीधे संवाद कर कलेक्टर ने इसी संदेश को आगे बढ़ाया। पहल का उद्देश्य है कि पढ़ने की आदत केवल कक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि घर, विद्यालय और छात्रावास में भी नियमित रूप से विकसित हो।

भोजन, स्वच्छता और छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं को दिए जा रहे भोजन, निर्धारित मेनू, खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और दैनिक दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास में रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया।

इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आशुतोष चतुर्वेदी और छात्रावास अधीक्षिका उपस्थित थीं।

पढ़ने की आदत से मजबूत होगा बच्चों का भविष्य

कलेक्टर की इस पहल से स्पष्ट संदेश मिलता है कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए केवल शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें पढ़ने की रुचि, नियमित अध्ययन की आदत और सीखने का आत्मविश्वास विकसित करना भी जरूरी है।

मिशन आचार्य के माध्यम से जिले में जनभागीदारी के साथ पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चे हर दिन कुछ नया सीखें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाएँ।

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