
जशपुरनगर -: रामनवमी के पावन अवसर पर इस वर्ष जशपुर जिले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे जिले में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को भक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान जहां एक ओर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए, वहीं दूसरी ओर आपसी सद्भाव और सौहार्द ने इस पर्व को और भी विशेष बना दिया।
रामनवमी के उपलक्ष्य में शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। “जय श्रीराम” के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

इस आयोजन की सबसे खास बात रही मुस्लिम समुदाय की सक्रिय और सराहनीय भागीदारी रही जहां मुस्लिम समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए शरबत और ठंडे पानी की व्यवस्था की। भीषण गर्मी के बीच यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हुई और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन गई।

जुलूस के दौरान कई स्थानों पर ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जब हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे को गले लगाकर रामनवमी की शुभकामनाएं दे रहे थे। यह दृश्य जशपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन गया।
मुस्लिम समुदाय के सदर महबूब अंसारी ने कहा कि जशपुर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच हमेशा सौहार्द बना रहता है। उन्होंने कहा कि दोनों समुदाय एक-दूसरे के त्योहारों में इसी तरह मिल-जुलकर शामिल होते हैं और प्रेम का संदेश फैलाते हैं।पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया और नागरिकों के सहयोग की सराहना की। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देते हैं।
इस अवसर पर शहरवासियों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम बनते हैं। जशपुर में रामनवमी के दौरान दिखा यह सौहार्दपूर्ण दृश्य पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।




