
जशपुरनगर -: सन्ना से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में प्रशासन की निष्क्रियता और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों ने स्थानीय स्तर पर बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
मामला जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति द्वारा, जिसे स्थानीय लोग भाजपा का कथित कार्यकर्ता बता रहे हैं, अस्पताल की भूमि पर धीरे-धीरे कब्जा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह कब्जा लंबे समय से जारी है और समय के साथ इसका दायरा बढ़ता जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में कई बार अपने उच्च अधिकारियों को लिखित सूचना दी है। साथ ही, राजस्व विभाग को भी शिकायत भेजकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की गई है। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
राजनीतिक संरक्षण के आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कब्जाधारी व्यक्ति को रायमुनी भगत का करीबी बताया जा रहा है। इसी वजह से यह आरोप लगाया जा रहा है कि सत्ता के संरक्षण में इस अवैध कब्जे को बढ़ावा मिल रहा है।

विधायक की भूमिका पर सवाल
कुछ समय पहले एक अन्य शासकीय भूमि से कब्जा हटवाने के लिए विधायक रायमुनी भगत द्वारा सड़क पर धरना देने का मामला चर्चा में रहा था। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि:क्या इस बार भी विधायक इसी तरह धरने पर बैठकर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी ? या फिर इस मामले में चुप्पी साधे रहेंगी क्योंकि आरोप उनके करीबी पर है? प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी चिंता इस पूरे मामले में शासन और प्रशासन की चुप्पी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा की भूमि पर कब्जा होना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के अधिकारों का भी हनन माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:अवैध कब्जे की निष्पक्ष जांच होदोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएशासकीय भूमि को तत्काल मुक्त कराया जाएअब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और क्या जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हैं।




