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आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज की शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, 17 अस्पताल चिन्हांकित

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड से फर्जी इलाज किए जाने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद बुधवार को विभाग ने यह कार्रवाई की।

जानकारी के मुताबिक 17 अस्पतालों को चिन्हांकित किया गया था। इन अस्पतालों का निरीक्षण कर जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दायरे में रायपुर के 7, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2, सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा के एक-एक अस्पताल शामिल हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भास्कर की पड़ताल के बाद एक्शन दैनिक भास्कर ने आयुष्मान योजना में चल रहे इस फर्जीवाड़े की पड़ताल के लिए 22 दिनों तक स्टिंग ऑपरेशन किया था। पड़ताल के दौरान अस्पतालों में डमी मरीजों की भर्ती, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इलाज दिखाने और क्लेम के बदले दलालों को कमीशन देने की जानकारी सामने आई थी।

28 सितंबर को भास्कर ने इस पूरे खेल का खुलासा करते हुए खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर विभाग की टीम ने रायपुर के कुछ निजी अस्पतालों में दबिश देकर मौके पर मरीजों, अस्पताल के रिकॉर्ड और आयुष्मान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। अब 100 से ज्यादा अस्पतालों में जांच जारी है।

भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि आयुष्मान कार्ड वाले गरीब लोगों को कमीशन का लालच देकर रायपुर लाया जा रहा था। अस्पतालों में बिना गंभीर बीमारी के मरीजों को भर्ती दिखाकर उनके हाथ में कैनुला और पट्टियां लगाई जा रही थीं। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 1 से 2 लाख रुपए तक के क्लेम बनाए जा रहे थे। इस पूरे खेल में दलालों को 10 से 15% तक कमीशन देने की बात भी सामने आई थी।

जानकारी के मुताबिक, बीजू स्वास्थ्य कार्ड में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना ओडिशा सरकार की योजना है। छत्तीसगढ़ के कुछ अस्पतालों में भी पात्र मरीजों को इलाज की सुविधा मिलती है। इसके तहत पात्र परिवारों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। अस्पताल में मरीज की पात्रता और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद योजना के तहत इलाज किया जाता है।

आयुष्मान कार्ड स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ की पुरानी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में होता था। बाद में इसे केंद्र की आयुष्मान योजना के साथ जोड़ा गया। आयुष्मान कार्ड केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में अब आयुष्मान कार्ड/ई-कार्ड के जरिए रजिस्टर्ड हॉस्पिटलों में योजना के तहत इलाज की सुविधा मिलती है।

इससे जुड़ी खबर के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में इलाज में लापरवाही से 4 मौतें हुई हैं। इंजेक्शन लगाने और ऑपरेशन के बाद जान गई। मृतकों में 2 महिला और 2 बच्चे शामिल हैं। कोंडागांव जिले में एक लैब टेक्नीशियन ने 32 वर्षीय महिला को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

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