जगदलपुर शहर और बस्तर जिले के ग्रामीण इलाकों में 300 से अधिक बसाहट बाढ़ से प्रभावित हैं। छह हजार से अधिक आबादी को आज सुबह तक राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा चुका है।
जगदलपुर शहर से सटे डोंगा घाट में सुबह 7.30 बजे हेलीकॉप्टर भेजा गया है। इंद्रावती नदी में यह क्षेत्र डूबा हुआ है। बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है।
बीती रात दो बजे इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.46 मीटर के उच्चतम लेवल तक पहुंचने के बाद घटने लगा है। जो खतरे के निशान 8.300 मीटर से चार मीटर से अधिक था।
जल संसाधन विभाग इंद्रावती परियोजना के अधीक्षण यंत्री वीपी पांडे ने बताया कि आगे बारिश नहीं हुई तो बाढ़ का पानी पूरी तरह से उतरने में लगभग दो दिन का समय लगेगा।
मौसम विभाग ने 27 सितंबर को प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना है।
अगले दो दिनों में वर्षा की तीव्रता और फैलाव में कमी आने की संभावना बताई गई है।



