सीजीपीएससी भर्ती घोटाले के मामले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को मेकाहारा में वीआईपी सुविधा दिए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें सोनवानी अपनी पत्नी और बेटे के साथ बैठे और बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो प्रसारित होने के बाद ही जेल प्रशासन ने प्रहरी संदीप कुमार माहेश्वरी को बर्खास्त कर दिया है।
दरअसल, टामन सिंह सोनवानी को बीते माह पेसमेकर लगाया गया था। इसी के फालोअप के लिए उन्हें अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल लाए जाने की जानकारी पहले ही उनके परिजनों को दे दी गई थी। टामन के आंबेडकर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी पत्नी और बेटा वहां पहुंच गए थे।
टामन सिंह सोनवानी करीब 11:50 बजे आंबेडकर अस्पताल पहुंचे। पहले उन्हें ओपीडी गेट की तरफ से प्रवेश कराया गया। इसके बाद उन्हें कार्डियोलाजी विभाग में लाकर बरामदे में ही आरक्षकों ने बैठा दिया। करीब पांच मिनट बाद उनकी पत्नी और बेटा वहां पहुंच गए। दोनों ने करीब 15 मिनट तक सोनवानी से बातचीत की। इस दौरान एक रेजीडेंट डाक्टर ने बाहर आकर उनकी फाइल देखी और इसके बाद चली गई।
टामन सिंह सोनवानी की पत्नी और बेटा जब उनसे मिलने पहुंचे तो सोनवानी ने आरक्षक से हथकड़ी खोलने को कहा। आरक्षक ने बिना कोई सवाल किए हथकड़ी खोल दी। इसके बाद उनकी पत्नी ने लड्डू निकाले और तीनों ने साथ बैठकर लड्डू खाए। इस दौरान सोनवानी की पत्नी कुछ देर तक फोन पर किसी से बातचीत करती रहीं। वहीं, सोनवानी अपने बेटे से मामले और किसी व्यक्ति को आरोपित बनाए जाने को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए। इस दौरान आसपास सुरक्षा में तैनात तीन जवान भी नजर आ रहे थे।
सीजीपीएससी भर्ती घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 सितंबर को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इसमें टामन सिंह सोनवानी, पूर्व ओएसडी चेतन बोरघरिया समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी की ओर से अदालत में करीब 3700 पेज के दस्तावेज और 99 पेज की समरी प्रस्तुत की गई है।



