जशपुरनगर -: दुलदुला थाना क्षेत्र के बम्हनी गांव से एक विवादित मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, एक कथित दबंग राजनीतिक व्यक्ति के प्रभाव में आकर प्रशासन ने नाप की जमीन को आबादी घोषित करते हुए वहां बने अहाते को बिना पूर्व सूचना ध्वस्त कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब गांव में एक भाजपा से जुड़े नेता पर एक परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित नेता ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए प्रशासन पर दबाव बनाया।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर अहाता बनाया जा रहा था, वह राजस्व अभिलेखों में नाप की जमीन के रूप में दर्ज है। इतना ही नहीं, इस जमीन को लेकर मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन भी है। बावजूद इसके, प्रशासन ने बिना किसी नोटिस या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए अचानक मौके पर पहुंचकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया।पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही अपनी बात रखने का अवसर। इस कार्रवाई को उन्होंने पूरी तरह से एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब इस प्रकार की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न केवल प्रशासनिक दुरुपयोग बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।



