
छत्तीसगढ़ के सस्पेंडेड IPS रतन लाल डांगी से जुड़े यौन शोषण मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद पुलिस विभाग ने जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा है। DGP की ओर से गृह सचिव को भेजे गए प्रस्ताव में IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाने की जानकारी हाईकोर्ट में दी गई है।
इस मामले में पीड़िता SI की पत्नी ने प्राथमिक जांच में पक्षपात का आरोप लगाते हुए रतन लाल डांगी को बचाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने किसी महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी। अब हाईकोर्ट की निगरानी में आगे की कार्रवाई होगी। पीड़िता के वकील अभिषेक पांडेय ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।
दरअसल, पुलिस विभाग में पदस्थ SI की पत्नी ने IPS डांगी पर यौन-उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि पिछले 7 साल से IPS डांगी उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं।
यौन-उत्पीड़न के आरोपों के बीच IPS डांगी को पद से हटा दिया गया था। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने इसका आदेश जारी किया था। बाद में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों को रतनलाल डांगी ने झूठा बताया था। मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।
दरअसल, रतन लाल डांगी से जुड़े इस मामले में पीड़िता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में प्राथमिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया था कि जांच के दौरान उसका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया और आरोपी अधिकारी को बचाने की कोशिश की गई। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच के लिए जांच अधिकारी बदलने की मांग की थी।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग से जांच की स्थिति और कार्रवाई को लेकर जानकारी मांगी गई। अब विभाग ने जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव गृह सचिव को भेजने की जानकारी अदालत में दी है।
याचिका में कहा गया था कि शिकायत की जांच के लिए तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और तत्कालीन DIG मिलना कुर्रे को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें इन दोनों अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। उनका कहना था कि एक अधिकारी आरोपी के बराबर रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे जूनियर थीं। इसी वजह से उन्होंने दोनों को जांच से हटाकर किसी सीनियर IAS अधिकारी (खासकर महिला IAS अधिकारी) से जांच कराने की मांग की थी।
पुलिस विभाग की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया कि DGP ने गृह सचिव को जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव है। वहीं IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की बात कही गई है। प्रस्ताव पर सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
जांच अधिकारी बदलने के प्रस्ताव के बाद अब पूरे मामले की आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट की निगरानी में होने की स्थिति बन गई है। अगली सुनवाई में विभाग की ओर से जांच अधिकारी बदलने की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई की स्थिति कोर्ट के सामने रखी जा सकती है।
पुलिस विभाग के इस कदम को पीड़िता की ओर से जांच में पक्षपात के लगाए गए आरोपों के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इससे संबंधित एक अन्य खबर में बताया गया था कि IPS रतनलाल केस में SI की पत्नी ने कहा था कि अब-तक एक्शन नहीं हुआ है और यौन शोषण की जांच महिला IAS करें। हाईकोर्ट ने गृह सचिव से जवाब मांगा था। छत्तीसगढ़ के सस्पेंडेड IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट ने राज्य के गृह सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में आरोप लगाने वाली SI की पत्नी ने जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच किसी महिला IAS अधिकारी से कराने की मांग की है।



