कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में आरोपित शोएब ढेबर की गिरफ्तारी से पहले उसके ठिकाने से फरार होने के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। डीसीपी क्राइम ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के आरक्षक शिवम द्विवेदी और राहुल गौतम को लाइन अटैच कर दिया है। दोनों आरक्षकों पर गोपनीय जानकारी को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप है।
पुलिस की टीम ने शोएब की तलाश में शहर के कई ठिकानों पर दबिश दी थी, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल चुका था। शोएब की दोबारा गिरफ्तारी के लिए अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की थी।
बुधवार को पुलिस ने उसके पाम बेलाजिओ स्थित ठिकाने, बैरन बाजार स्थित पारिवारिक आवास समेत करीब आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। उसकी दूसरे राज्य भागने की आशंका को देखते हुए संभावित ठिकानों और संपर्कों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कार्रवाई से पहले ही शोएब के ठिकाने से निकल जाने को गंभीरता से लिया गया है। इसी कड़ी में यह जांच की जा रही है कि पुलिस की कार्रवाई से संबंधित गोपनीय जानकारी उस तक कैसे पहुंची। आरक्षक शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किए जाने को इसी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से आरक्षक पर लगाए गए आरोपों के विस्तृत तथ्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
14 सितंबर को आनंद कुकरेजा को विदेशी नंबर से वाट्सएप के जरिए धमकी देकर 25 करोड़ रुपये की मांग किए जाने का मामला सामने आया था। रकम नहीं देने पर कुकरेजा और उनके परिवार को धमकी देने का आरोप है।
जांच में शोएब ढेबर की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने सीजेएम कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति ली। अब पुलिस शोएब की तलाश के साथ यह भी पता लगा रही है कि उसे पुलिस कार्रवाई की जानकारी किस स्तर से मिली और उसके फरार होने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।



