
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव के लिए महीनेभर चला सदस्यता अभियान 29 सितंबर को खत्म हो गया। प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन के अलग-अलग पदों के लिए उम्मीदवारों ने कुल 14,56,626 सदस्य बनाए हैं। इनमें 13 लाख 41 हजार 526 पेड और 1 लाख 15 हजार 100 अनपेड सदस्य हैं। अब सदस्यता की स्क्रूटनी होगी। इसमें नाम और स्पेलिंग, पता, वार्ड क्रमांक, फोटो, वीडियो, वोटर आईडी समेत करीब 7-8 स्तर पर जानकारी का मिलान किया जाएगा।
संगठन से जुड़े लोगों के मुताबिक पिछली बार सदस्यता की स्क्रूटनी में करीब 50% सदस्य बाहर हो गए थे। इस बार भी इसी के आसपास सदस्य छंटने की संभावना है। इसलिए अभी 14.56 लाख का आंकड़ा अंतिम वैध मतदाताओं की संख्या नहीं माना जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही प्रत्येक उम्मीदवार के वास्तविक वोट और प्रदर्शन की स्थिति साफ होगी। वास्तविक वोटों का पता चलेगा। फिर उम्मीदवारों का परफॉर्मेंस देखा जाएगा। इनमें तीन नाम फाइनल कर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
इस बार भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। मौजूदा चुनाव में सदस्यता और मतदान प्रक्रिया को लेकर विवाद हुए। प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन होल्ड किए गए थे। उनसे निजी एजेंसी के माध्यम से सदस्यता कराने को लेकर जवाब मांगा गया था। मतदान के दौरान और बाद में कुछ उम्मीदवारों ने फर्जी वोटिंग और ऐप में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत भी की। अनपेड सदस्यों के वोट को लेकर भी सवाल उठे। संगठन की ओर से तकनीकी दिक्कत दूर करने और शुल्क जमा होने के बाद ही वोट को मान्य मानने की बात कही गई।
अब स्क्रूटनी इस चुनाव का सबसे अहम चरण है। 14.56 लाख सदस्यों में से कितने सदस्य जांच में वैध पाए जाते हैं और 17 उम्मीदवारों में किसका प्रदर्शन इंटरव्यू तक पहुंचता है, यह अगले चरण में तय होगा। पहले सदस्यता की जांच, फिर दिल्ली में इंटरव्यू की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। स्क्रूटनी में वैध सदस्यता तय होने के बाद उम्मीदवारों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके बाद शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों में से तीन को दिल्ली में इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अंतिम चयन में चुनावी प्रदर्शन के साथ इंटरव्यू और संगठन के लिए उम्मीदवार की योजना जैसे पहलुओं को देखा जाएगा।
पिछले चुनाव में करीब 17 लाख सदस्य बनाए गए थे। स्क्रूटनी के बाद 7 लाख 16 हजार 748 सदस्य वैध मतदाता माने गए थे। यानी करीब आधी सदस्यता जांच में बाहर हो गई थी। उस समय फोटो का मतदाता सूची से मिलान, वोटर आईडी, गलत जानकारी और वीडियो से जुड़े मामलों में सदस्यता निरस्त की गई थी। कुछ मामलों में कुत्ते और बिल्ली के फोटो से सदस्यता बनाए जाने की शिकायत भी सामने आई थी।



