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38 करोड़ की लागत से बन रहा 962 मीटर लंबा आरओबी, सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

बलौदा बाजार जिले के सिमगा विकासखंड अंतर्गत हथबंद से दो किलोमीटर दूर ग्राम रिंगनी के पास मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के लाखों लोगों और उद्योगों को आवागमन में सुगमता होगी। करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस 962 मीटर लंबे ओवर ब्रिज का वर्चुअल भूमिपूजन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। इस पुल के बनने से वर्षों पुरानी जाम की समस्या समाप्त होगी।

मुंबई-हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन देश के व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक है। इस मार्ग पर स्थित 392 एलसी रेलवे फाटक से प्रतिदिन 220 से अधिक यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। इसके कारण यह रेलवे फाटक दिन के 24 घंटों में से औसतन 20 घंटे तक बंद ही रहता है। बार-बार और लंबे समय तक फाटक बंद रहने के कारण राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों और आपातकालीन वाहनों को एक से डेढ़ घंटे तक खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। कई बार आवश्यक शासकीय व निजी कार्य छूट जाने से स्थानीय नागरिकों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ता है।

सिमगा विकासखंड में कई विश्वविख्यात सीमेंट संयंत्र और दर्जनों स्टील प्लांट स्थापित हैं। इसके चलते इस मार्ग पर प्रतिदिन 60 से 80 टन भार क्षमता वाले 1000 से अधिक भारी ट्रकों और अन्य वाहनों का निरंतर दबाव बना रहता है। इसके अतिरिक्त सिमगा जनपद पंचायत के सुहेला और हथबंद परिक्षेत्र के 80 से अधिक ग्राम पंचायतों के निवासी इसी मार्ग से तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पहुंचते हैं। दैनिक शासकीय कार्यों, व्यापार और रोजगार के सिलसिले में हजारों लोग प्रतिदिन इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। यह ओवरब्रिज बनने से मालवाहक वाहनों की गति सुगम होगी और आम यात्रियों का कीमती समय बचेगा।

सेतु निगम के सब इंजीनियर मुकेश देवांगन के अनुसार, 962 मीटर लंबे इस ओवर ब्रिज में कुल 26 कालम बनाए जाएंगे। इनमें से एप्रोच रोड सहित 23 कालमों का निर्माण सेतु निगम द्वारा गुजरात की बैक बोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है, जबकि रेलवे ट्रैक के ऊपर पड़ने वाले 3 मुख्य कालमों का निर्माण स्वयं रेलवे विभाग द्वारा किया जाएगा। परियोजना को सितंबर 2027 तक पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति और निर्माण में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा एवं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा के सतत प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग और पहल के बाद ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया गया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि इस आरओबी के तैयार होने से सिमगा और बलौदा बाजार क्षेत्र के समग्र विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

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