
CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को इलाज के लिए मेकाहारा अस्पताल लाए जाने के दौरान कथित VIP ट्रीटमेंट मिलने का मामला सामने आया है। दावा है कि अस्पताल में सोनवानी बिना हथकड़ी के परिजनों से बातचीत करते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अब इस मामले में रायपुर प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि बिलासपुर के प्रहरी पवन कुमार लहरे और जगदलपुर के प्रहरी नगेंद्र कुमार महतो पर कार्रवाई करने के लिए दोनों केंद्रीय जेलों को पत्र लिखा गया है।
जानकारी के मुताबिक, सोनवानी को स्वास्थ्य संबंधी जांच या इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान वे अस्पताल परिसर में परिजनों से बातचीत करते दिखाई दिए। उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे।
अस्पताल में सोनवानी के बिना हथकड़ी नजर आने को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, किसी कैदी को अस्पताल ले जाते समय हथकड़ी लगाने या नहीं लगाने का निर्णय सुरक्षा परिस्थितियों और संबंधित नियमों के तहत किया जाता है। इस मामले में अधिकारियों की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सोनवानी को किस प्रक्रिया के तहत अस्पताल लाया गया था।
इस मामले में ED ने 23 सितंबर को विशेष PMLA कोर्ट रायपुर में टामन सिंह सोनवानी, पूर्व OSD चेतन बोरघरिया और बाकी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ED की शिकायत के साथ करीब 3,700 पेज के दस्तावेज और 99 पेज की समरी पेश की गई है।
मेकाहारा अस्पताल में बंदियों या आरोपियों को सुविधा देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। अक्टूबर 2024 में मेकाहारा में हथियार सप्लाई के आरोपी को इलाज के दौरान कथित VIP ट्रीटमेंट मिलने की खबर सामने आई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अस्पताल के बेड पर आराम से मैगजीन पढ़ता और मोबाइल इस्तेमाल करता दिखाई दिया था। उसके साथ रिश्तेदारों के रहने का भी दावा किया गया था। इन मामलों के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सख्ती करने की बात दोहराई थी।



