HomeUncategorizedछत्तीसगढ़ में 5 दिनों में 3 हाथियों की मौत, सरगुजा-रायगढ़-जशपुर की घटनाएं

छत्तीसगढ़ में 5 दिनों में 3 हाथियों की मौत, सरगुजा-रायगढ़-जशपुर की घटनाएं

छत्तीसगढ़ में पिछले 5 दिनों में 3 हाथियों की मौत हुई है। ये तीनों घटनाएं सरगुजा, रायगढ़ और जशपुर जिलों के वन परिक्षेत्रों की हैं। सरगुजा में गुरुवार रात खेतों में फसल बचाने के लिए लगाए गए बिजली वाले तार की चपेट में आने से बेबी एलिफेंट की मौत हो गई। हाथियों का झुंड मौके पर पहुंचा और दल रातभर वहीं घूमता रहा और चिंघाड़ता रहा। यह घटना उदयपुर वन परिक्षेत्र की है।

सरगुजा की घटना के मुताबिक, अलकापुरी के जंगल में पिछले कई दिनों से हाथियों का दल घूम रहा है। हाथियों से फसल बचाने के लिए किसानों ने खेतों के चारों ओर 1 किलोमीटर से ज्यादा इलाके में झटका देने वाला तार लगाया है। बुधवार रात करीब 10 बजे हाथी का शावक इस तार की चपेट में आ गया। उसकी सूंड और पैर में तार फंस गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस खेत के आसपास झटका तार लगाया गया है, वह झिरमिटी सरपंच चंदन एक्का और उनके परिवार के लोगों की जमीन है।

घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों की पहचान कर नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में करीब 27 हाथियों का दल घूम रहा है। वन विभाग की टीम आसपास अवैध हुकिंग की भी जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि झटका मशीन के करंट से किसी जानवर या व्यक्ति की मौत नहीं हो सकती। उनका कहना है कि मामले की जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि तार में सीधे करंट लगाया गया होगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद हाथियों का दल रातभर मौके पर डटा रहा और चिंघाड़ता रहा। हाथियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहमे रहे। वन विभाग हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करेगा।

दूसरी घटना रायगढ़ के तमनार रेंज की है। एक दिन पहले रायगढ़ में बुधवार को हाथी शावक का शव तालाब में मिला। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच में आशंका है कि हाथियों के झुंड में दबने के बाद शावक पानी में डूब गया होगा। हालांकि, पोस्टमॉर्टम के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी।

वन परिक्षेत्र के सामारूमा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से करीब 50 हाथियों का दल विचरण कर रहा था। यह दल हर शाम सड़कों पर भी आ रहा था। मंगलवार देर रात हाथियों का झुंड छैडोरिया क्षेत्र के एक तालाब में नहाने या पानी पीने उतरा था। इसी दौरान झुंड में मौजूद शावक पानी में डूब गया और बाहर नहीं निकल सका। बुधवार सुबह वन विभाग को शावक के तालाब में डूबने की जानकारी मिली। इसके बाद एसडीओ, रेंजर समेत वनकर्मी मौके पर पहुंचे और शावक को बाहर निकलवाया। उसकी उम्र करीब 3-4 दिन बताई जा रही है। घरघोड़ा सब डिवीजन के SDO आशुतोष मंडावा ने बताया कि छैडोरिया गांव के पास तालाब में डूबने से हाथी शावक की मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीसरी घटना जशपुर के दुलदुला वन परिक्षेत्र की है। 24 सितंबर की सुबह ढोढ़ीआरा गांव के नोनपानी जंगल में हाथी का शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि जंगल और खेत की सीमा पर करीब 1.5 किलोमीटर तक करंट वाले तार बिछाए गए थे। वन विभाग के मुताबिक, जंगली सूअर या अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए तार बिछाए जाने की आशंका है। इसी तार के संपर्क में आने से हाथी की मौत होने की बात सामने आई है।

जांच के दौरान संदिग्ध लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने ढोढ़ीआरा गांव में तीन मकानों की तलाशी ली। यहां बिजली का करंट लगाने में इस्तेमाल होने वाले तार और अन्य सामग्री मिली। एक मकान से मोर के पंख और वन्यजीवों के शिकार में इस्तेमाल होने वाला फंदा भी बरामद हुआ। वन विभाग के मुताबिक, पोनहारी गांव के सलिंदर और रूपेश से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर जंगल में करीब 1 किलोमीटर दूर नाले के पास छिपाकर रखा बिजली तार बरामद किया गया। तार बिछाने के रास्ते, घटनास्थल और बरामदगी की प्रक्रिया की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई गई।

वन विभाग के अनुसार, पूछताछ में करीब 11 लोगों के वन्यजीवों के शिकार के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाने में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि हाथी की मौत के बाद तार को घटनास्थल से हटाकर कुछ सामग्री घर और कुछ सामान जंगल में छिपा दिया गया था। जांच में सामने आए तथ्यों और बरामद साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने आरोपितों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।

वन विभाग के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के करीब 18 घंटे के भीतर संदिग्ध आरोपियों की तलाश, गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब तक छह आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में समीर टोप्पो निवासी धुरीअंबा, अगसतुस एक्का निवासी कोहड़ाफारी, रूपेश एक्का निवासी धुरीअंबा, दिनेश राम निवासी ढोढ़ीआरा, सलिंद्र राम निवासी कोहड़ाफारी और तरसियुस राम निवासी कोहड़ाफारी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों का मेडिकल कराया गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज गया है। पांच आरोपियों की तलाश जारी है।

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