
धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के श्यामतराई गांव में सेक्स रैकेट की शिकायत पर पुलिस ने एक मकान में दबिश दी। पुलिस की इस कार्रवाई में 4 लड़कियों और 7 लड़कों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। सभी को थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसके बाद 7 बालिग लड़कों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। लड़कियों को छोड़ दिया गया है।
गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें इस मकान में पिछले 3-4 साल से देह व्यापार की गतिविधियां चलने का शक था। वहां रात के समय लोगों का आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर मुख्य सरगना की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं और अगर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
श्यामतराई गांव में एक मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने गुरुवार को दबिश दी। पुलिस को मौके पर 4 लड़कियां और 7 लड़के मिले। इसमें एक नाबालिग भी शामिल है। सभी को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद 7 लड़कों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद ग्राम विकास समिति के सदस्य एसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मकान में चल रही अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। समिति ने बताया कि गांव में शहर से आने वाले कुछ लोग मकान बनाकर या किराए के मकान में रहते हैं। इनमें से एक मकान में संदिग्ध महिला और पुरुषों का लगातार आना-जाना देखा जा रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, यह आवाजाही खासकर रात के समय ज्यादा रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 3-4 साल से उन्हें इस मकान में देह व्यापार जैसी गतिविधियां होने का शक था। इसी वजह से ग्रामीण लंबे समय से इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने मुख्य संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष टीकाराम साहू ने बताया कि वे एसपी कार्यालय मुख्य रूप से कथित अनैतिक गतिविधियों को हमेशा के लिए रोकने और इसके पीछे काम कर रहे मुख्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि गांव में इस तरह की गतिविधियां चलने की शिकायत लंबे समय से थी। गांव के लोग चाहते हैं कि सिर्फ मौके पर मिले लोगों पर कार्रवाई न हो, बल्कि इसके पीछे जो लोग काम कर रहे हैं, उनकी भी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए।
सरपंच प्रतिनिधि खेमराज साहू ने कहा कि पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई से ग्रामीण पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि तत्काल की गई कार्रवाई ठीक है, लेकिन उनका कहना है कि मामले में और भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह की गतिविधियों की शिकायत सामने आई है, उससे गांव की बदनामी हो रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि इस मामले में मुख्य व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए और ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगे।
खेमराज साहू ने चेतावनी दी कि अगर गांव में इस तरह की गतिविधियां आगे भी जारी रहीं और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति आती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
एसपी भावना पांडेय ने बताया कि 7 बालिग लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अगर भविष्य में इस तरह की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो ग्रामीण तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई करेगी।
इससे जुड़ी एक अन्य घटना में धमतरी की सिविल लाइन कॉलोनी में देर रात स्थानीय निवासियों ने एक मकान से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो युवतियों और तीन युवकों को पकड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पांचों को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि वहां से आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ।



