
बिलासपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मल्हार की छात्राओं ने शिक्षकों के व्यवहार और शैक्षणिक सामग्री की कमी को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि संस्कृत शिक्षक एस. दुबे कक्षा में छात्राओं को गंदी नजर से देखते हैं, उनके लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं। शिकायत के अनुसार, शिक्षक पढ़ाने के बजाय कक्षा में सो जाते हैं या लंबे समय तक फोन पर बात करते रहते हैं। छात्राओं ने यह भी दावा किया है कि शिक्षक को संस्कृत विषय का पर्याप्त ज्ञान नहीं है।
शिकायतों में स्कूल की गुप्ता मैडम पर शिकायत दबाने का आरोप लगाया गया है। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने शिक्षक के व्यवहार को लेकर स्कूल प्रबंधन के सामने अपनी बात रखी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। आर. गुप्ता मैडम पर धमकी भरे कॉल करने, बच्चों और उनके अभिभावकों को अपमानित करने का आरोप भी लगाया गया है।
एक अन्य शिकायत में शिक्षिका के भेदभावपूर्ण व्यवहार और रेमेडियल शिक्षा की सामग्री उपलब्ध नहीं कराने का मुद्दा उठाया गया है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि रेडक्रॉस प्रभारी उन्हें मिलने वाले निशुल्क सैनिटरी पैड और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध नहीं कराते। दावा है कि सैनिटरी पैड के लिए उनसे पैसे मांगे जाते हैं और सैनिटरी पैड को दुकानों में बेचा जाता है। रेमेडियल और रेडक्रॉस से संबंधित जरूरी सामग्री नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी होती है।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि बच्चों से ही कॉपियां जंचवाई जाती हैं। कुछ शिक्षकों पर कक्षा में पढ़ाई के बजाय फोन चलाने, अनुपस्थित रहने, अधिक फीस लेने और विद्यार्थियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने की शिकायत की गई है। एक शिक्षिका पर आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति के दौरान कक्षा में ताला लगा दिया जाता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बेहतर शैक्षणिक माहौल नहीं मिल पा रहा है।
शिकायत में शिक्षक एस. दुबे की शैक्षणिक डिग्रियों और दस्तावेजों को फर्जी बताया गया है। एस. यादव मैम पर शिकायत करने वाले बच्चों को प्रोजेक्ट के नंबर काटने की धमकी देने और शिकायत को दबाने का आरोप लगाया गया है। बच्चों का कहना है कि शिकायत करने के बाद उन्हें प्रताड़ित किए जाने का डर रहता है।
छात्राओं ने स्कूल के प्राचार्य के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। बच्चों का आरोप है कि प्राचार्य की ओर से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया जाता है। स्कूल में ऐसा माहौल होना उनकी पढ़ाई पर असर डाल रहा है।
छात्राओं ने कलेक्टर और DEO से शिकायतों की निष्पक्ष और गोपनीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और स्कूलों में सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल बना रहे। वहीं, DEO की ओर से विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की बात कही गई है। शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



