बिलासपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मल्हार में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल के शिक्षक खुद मूल्यांकन करने के बजाय दसवीं कक्षा की छात्राओं से उत्तर पुस्तिकाएं जंचवा रहे हैं। इतना ही नहीं, बच्चियों को मुंह बंद रखने की हिदायत देते शिक्षक का आडियो भी सामने आया है, जिससे पूरे प्रशासनिक व शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
मल्हार हायर सेकेंडरी स्कूल में सामने आए आडियो में शिक्षक छात्राओं पर अन्य बच्चों की कापियां जांचने का खुला दबाव बना रहे हैं। छात्राएं जब कहती हैं कि अगर किसी को पता चल गया तो हम फंस जाएंगे, तो शिक्षक बेपरवाह अंदाज में कहते हैं कि तुम लोग 10वीं में हो, किसी को बताना मत और छुट्टी से पहले चुपचाप निकल जाना।
हद तो तब हो गई जब माडल उत्तर न होने पर छात्राओं से अंदाजे से ही अंक देने को कह दिया गया। स्कूली शिक्षा व्यवस्था से त्रस्त कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र-छात्राएं सीधे बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर व डीईओ को एक दर्जन अलग-अलग शिकायती पत्र सौंप दिए।
विद्यार्थियों ने प्राचार्य वेदप्रकाश शुक्ला पर गाली-गलौज व मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं शिक्षिका रश्मी गुप्ता पर प्यून कमलेश टांडे के जरिए बालिकाओं के सैनिटरी पैड दुकानों में बिकवाने और प्रताड़ित करने का आरोप है। स्मृति वर्मा पर कक्षा में मोबाइल चलाने व छुआछूत का भेदभाव करने, संगीता यादव पर शिकायत करने पर प्रोजेक्ट नंबर काटने की धमकी देने, और क्रीड़ा प्रभारी आर नेताम पर खेल सामग्री के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में काजल सोन, संध्या देवांगन व संजय दुबे की भूमिका पर भी विद्यार्थियों ने आक्रोश जताया है।
स्कूल में लगातार हो रही प्रताड़ना, गाली-गलौज और भेदभाव से त्रस्त होकर मल्हार शासकीय स्कूल के छात्र और छात्राएं सीधे बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट में उपस्थित होकर अपना दर्द बयां किया और प्राचार्य सहित लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ एक दर्जन अलग-अलग शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
मल्हार स्कूल से पहुंचे छात्र-छात्राओं के गंभीर आरोपों की जानकारी लगते ही जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडे पहुंचे। उन्होंने छात्राओं की बात सुनी लेकिन छात्राओं ने उन्हें कार्रवाई करने की बात पर घेर लिया। इस अव्यवस्था को लेकर मीडिया के सवालों से घिरे प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार पांडेय कलेक्ट्रेट परिसर में असहज नजर आए। बच्चों की आपबीती सुनने के दौरान वे यहां-वहां चक्कर काटते रहे। वे सीधे जवाब देने से बचते दिखे और जांच टीम गठित करने का हवाला देकर पल्ला झाड़ते नजर आए।
छात्राओं का आरोप है कि शिक्षिका रश्मी गुप्ता शासन द्वारा बालिकाओं के लिए भेजे जाने वाले निःशुल्क सैनिटरी पैड को प्यून कमलेश टांडे के माध्यम से बाहर दुकानों में बिकवा देती हैं। आवाज उठाने पर पालकों को अपमानित किया जाता है और बच्चों को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। छात्राओं ने इसकी उच्चस्तरीय जांच मांगी है।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायत की कापी प्राप्त हो गई है। पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय प्राचार्यों की टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही नियमानुसार जो भी आवश्यक व कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, वह दोषी के खिलाफ निश्चित रूप से की जाएगी। बच्चे इतनी दूर कैसे आए और इसके पीछे कौन शिक्षक शामिल है, इसकी भी जांच कराई जाएगी।



