
रायपुर-: डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन रविवार को 81वें दिन में प्रवेश कर गया। न्याय की मांग को लेकर अभ्यर्थी दण्डवत प्रणाम करते हुए विधानसभा घेराव के लिए शांतिपूर्ण रूप से निकले थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें आधे रास्ते में ही रोक दिया।मौके पर मौजूद एसडीएम ने अभ्यर्थियों को बताया कि वे बॉन्ड भरकर अनशन पर बैठे हुए हैं, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि अभ्यर्थी आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से नया रायपुर तूता में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। उनकी मांग है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर उन्हें शीघ्र नियुक्ति दी जाए।
इस मामले में माननीय हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को तथा सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को आदेश जारी करते हुए 2621 बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों के स्थान पर 2621 डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे।इसके बावजूद शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण अब तक 1326 पात्र डीएड अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं।
शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागरजानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने 2621 पदों पर डीएड अभ्यर्थियों को कॉमन मेरिट लिस्ट के आधार पर बिना दस्तावेज सत्यापन के ही स्कूल अलॉटमेंट कर दिया। इसके चलते केवल 1299 पात्र डीएड अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल सकी, जबकि 1316 ऐसे अभ्यर्थियों को भी स्कूल आवंटित कर दिए गए जिनके पास डीएड या टीईटी प्रमाणपत्र नहीं था या जिनकी आयु निर्धारित सीमा से अधिक थी।इसी प्रशासनिक लापरवाही के कारण 1316 से अधिक पात्र डीएड अभ्यर्थी अपने अधिकार और न्यायपूर्ण नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 81 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन करते हुए सभी पात्र डीएड अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति दी जाए।



