नईदुनिया न्यूज, सक्ती।सक्ती क्षेत्र में तीन माह की मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में बच्ची की हत्या किए जाने और घटना में उसके नाबालिग माता-पिता की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार 29 सितंबर की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद घर में सो गए थे। रात करीब दो बजे बच्ची के पिता ने स्वजन को बताया कि उनकी तीन महीने की बच्ची बिस्तर से गायब है। इसके बाद स्वजन और आसपास के लोगों ने घर, आंगन तथा आसपास के इलाके में बच्ची की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
अगली सुबह करीब 7:30 बजे बच्ची की दादी पानी लेने आंगन में गईं। इसी दौरान उनकी नजर पानी से भरे ड्रम पर पड़ी। ड्रम के अंदर बच्ची का शव मिलने से घर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच शुरू की।
इस दौरान बच्ची के माता-पिता की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनसे पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों की संलिप्तता सामने आई। प्रारंभिक जांच में बच्ची के जन्म के बाद से बार-बार बीमार रहने और उसके इलाज में होने वाले खर्च के कारण परिवार पर आर्थिक एवं मानसिक दबाव होने की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों और घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच जारी है।
29 सितंबर की रात परिवार के सदस्य खाना खाने के बाद घर में सो गए थे। रात करीब दो बजे बच्ची के पिता ने स्वजन को बताया कि तीन माह की बच्ची बिस्तर से गायब है। इसके बाद घर में बच्ची की तलाश शुरू की गई। स्वजन के साथ आसपास के लोगों ने भी घर, आंगन और आसपास के स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन बच्ची नहीं मिली। रात में काफी तलाश के बाद भी बच्ची का सुराग नहीं मिलने से स्वजन परेशान रहे। अगले दिन सुबह पानी के ड्रम में बच्ची का शव मिलने के बाद पूरा मामला संदिग्ध हो गया।
रातभर स्वजन बच्ची की तलाश करते रहे। इस दौरान किसी का ध्यान आंगन में रखे ड्रम की ओर नहीं गया। 30 सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे बच्ची की दादी पानी लेने के लिए घर के आंगन में पहुंचीं। इसी दौरान पानी से भरे ड्रम में बच्ची का शव दिखाई दिया। उन्होंने इसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को दी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। शुरुआत में बच्ची के बिस्तर से गायब होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन कुछ घंटे बाद घर के आंगन में शव मिलने से पुलिस ने घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू की।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची जन्म के बाद से ही बार-बार बीमार रहती थी। उसके इलाज को लेकर परिवार परेशान था। आर्थिक परेशानी और बच्ची की बीमारी के कारण माता-पिता के तनाव में रहने की बात भी विवेचना में सामने आई है। पुलिस ने इसी दिशा में घटना के कारणों की भी पड़ताल की। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर बच्ची के माता-पिता की भूमिका सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।



